सनातन धर्म के लिए आवश्यकता। Aaj ke generation mein hindu dharm ki avashyakta.

विशाल होने के बावजूद आपस में कोई आपसी संघ नहीं है, कुछ संघ है ,तो आपस में अनेक मतभेद है। हिंदू अथवा सनातन शब्दों में यह तो कहते हैं ,कि हम सभीं एक हैं, परंतु वास्तव में अनेक बनकर विचरण करते हैं। इसका दुष्परिणाम पूर्व काल से होते रहा है। परदेसी मत वाले हमेशा से … Continue reading सनातन धर्म के लिए आवश्यकता। Aaj ke generation mein hindu dharm ki avashyakta.

ॐ पूर्णमद: पूर्णमिदं। वेद मंत्र का महत्व क्यों। Vedant Darshan

वेदांत दर्शन समुंद्र के जैसा विशाल है।  संस्कृत भारत दर्शन का प्राचीनतम भाषा है। संस्कृत आज समाज का मुख्य भाषा नहीं है, जिसके वजह से वेदों के शब्दों को आज की प्रचलित भाषा में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। समाज में सनातन समाज के कल्याण के लिए एवं बच्चों को सनातन संस्कृति से जोड़ने के लिए, … Continue reading ॐ पूर्णमद: पूर्णमिदं। वेद मंत्र का महत्व क्यों। Vedant Darshan

शिक्षण विशेष खास। Devbhoomi Uttarakhand mein education. Dehradun.

भारत में तीर्थ नगर देवभूमि के नाम से प्रसिद्ध है उत्तराखंड। उत्तराखंड प्राचीन काल से ही अपने आप में अतुल्य है। उत्तराखंड की वर्तमान राजधानी देहरादून अपने आप में अतुल्य है। शिक्षण विशेष खास। Devbhoomi Uttarakhand mein education. Dehradun. देहरादून शहर पहाड़ों के बीच में बसा हुआ है। एक तरफ शिवालिक की पहाड़ियां और दूसरी … Continue reading शिक्षण विशेष खास। Devbhoomi Uttarakhand mein education. Dehradun.

लक्ष्मण सिद्ध मंदिर। Dehradun siddh sthal.

सनातन धर्म में तपस्या का महत्व किसी से छुपा नहीं है। महान महात्माओं तथा भक्तों के त्याग में सिद्ध स्थल का निर्माण होता है। https://youtu.be/mLRQWzA2Icg ईश्वर सर्वत्र समान रूप से विराजमान है ,फिर भी तपस्या किसी भूमि को विशेष सिद्ध स्थल में निर्माण कर देता है। लक्ष्मण सिद्ध मंदिर। Dehradun siddh sthal. पावन देवभूमि उत्तराखंड … Continue reading लक्ष्मण सिद्ध मंदिर। Dehradun siddh sthal.

मनोकामना पूर्ति चौपाई मंत्र। श्री रामचरित्रमानस। Icchapurti chaupai

श्री रामचरित्रमानस सनातन साहित्य में क्या महत्व रखता है, इससे सभीं परिचित हैं। श्री रामचंद्र स्वयं ही ब्रह्मांड को बनाने वाले कहे जाते हैं। ईश्वर की महिमा अपरंपार है। कहते हैं ईश्वर ने मनुष्य की रचना कर अपनी समस्त शक्तियों को मनुष्य के अंदर डाल दिया। मनुष्य है ,जो सभीं शक्तियों के होने के बाद … Continue reading मनोकामना पूर्ति चौपाई मंत्र। श्री रामचरित्रमानस। Icchapurti chaupai

मृत्योर्मामृतं गमय। मंत्र का भ्रम कैसे दूर हो? Mantra ki Shakti.

मंत्र को लेकर समाज में अनेक प्रकार की भ्रांतियां मौजूद है। "जादू टोना के अचूक मंत्र, वशीकरण मंत्र, सिद्धि मंत्र।" ऐसे मंत्रों के अनेक किताब भी मौजूद है। वास्तव में मंत्र क्या है? इस प्रकार के मंत्र कैसे काम करते हैं? मंत्र को कैसे समझें? समाज के अंदर ऐसे अनगिनत सवाल हैं।सनातन साहित्य में ज्योतिष … Continue reading मृत्योर्मामृतं गमय। मंत्र का भ्रम कैसे दूर हो? Mantra ki Shakti.

प्रेम का लड्डू जीवन का तबाह। Pyar mein mein Dhokha.

सनातन सत्य वास्तविकता को बयां करने की कोशिश करता है। एक मानव का उम्र के अनुसार संसार को देखने का नजरिया रोज बदलता है। दुनिया को देखने का बचपन में अलग अंदाज होता है। जवानी में उसे दुनिया अलग दिखता है। बुढ़ापे में दुनिया को वह अलग पाता है। कभी वह जीवन में जिस प्रेम … Continue reading प्रेम का लड्डू जीवन का तबाह। Pyar mein mein Dhokha.

पूर्वज किसके थे? सनातन भारत का दर्द। Sanatan Bharat ke purvaj

मैं भारत हूं। अपने अतीत की बात सुनाता हूं। यहां के पूर्वज किसके थे? देश के पूर्वजों का कसूर क्या था?  क्यों हम उन्हें भूल गए।मैं भारत हूं, मुझे दर्द है अपने अतीत का। आज कुछ लोग अपने पूर्वजों के वास्तविकता को भूल कर इतिहास को बदलने की कोशिश करते हैं।मेरे ऊपर परदेसी आक्रमणकारियों द्वारा … Continue reading पूर्वज किसके थे? सनातन भारत का दर्द। Sanatan Bharat ke purvaj

Watch “मैं भारत हूं! सनातन धर्म।” on YouTube

मैं भारत हूं। जुल्मों सितम एवं अतीत का दर्द सुनाता हूं।‌‌सम्मान और अभिमान को लूट लिया परदेसी आक्रांताओं ने। सनातन सत्य जो बदलने के बाद भी नहीं बदला, वही मैं भारत हूं।अनेकों बार अमानवीय कुकृत्य करने वाले आज किसी का आदर्श हैं। https://youtu.be/yJbQWKVRG3k "जिसकी लाठी उसकी भैंस।" इतिहास बदलने से अथवा अपना वेशभूषा बदलने से … Continue reading Watch “मैं भारत हूं! सनातन धर्म।” on YouTube

अपना वास्तविक मित्र!विद्या मित्रं प्रवासेषु। Mitra ki paribhasha.

मित्रता के बारे में समझने के लिए यह समझना आवश्यक है , मित्र कौन और मित्र किसका? मित्र के प्रकार अनेक है। जो हमारे लिए भला सोचे, आवश्यकतानुसार उत्तम साथ दें है, उसे मित्र कहेंगे। मित्र के लिए वेद में एक प्रचलित श्लोक हैं। अपना वास्तविक मित्र!विद्या मित्रं प्रवासेषु। Mitra ki paribhasha.sanatansaty ।।विद्या मित्रं प्रवासेषु … Continue reading अपना वास्तविक मित्र!विद्या मित्रं प्रवासेषु। Mitra ki paribhasha.

मीना पंत मेहेर बाल विद्या मंदिर।Meher bal Vidya Mandir doon school

मेहेर बाल विद्या मंदिर(देहरादून का एक स्कूल) के संस्थापक श्री मीणा पंत। मेहेर बाबा आश्रम माजरी माफी देहरादून।मेहेर बाबा की अनन्य भक्तों में से एक यदि इन्हें मैं इन्हें संत कहूं तो आश्चर्य नहीं होगा। इनके पिता श्री शत्रुघ्न घिल्डियाल जो कि मेहेर बाबा के प्रिय भक्तों में से एक रहे। मैं इनके पिता के … Continue reading मीना पंत मेहेर बाल विद्या मंदिर।Meher bal Vidya Mandir doon school

सिद्ध पुरुष अतुल्य महामानव मेहेर बाबा। meher bal Vidya Mandir Dehradun.

कहते हैं ईश्वर की लीला ईश्वर ही जाने। भारत महापुरुषों का देश है। महापुरुष वह नहीं जो अपने आप को महापुरुष कहता हो। वास्तविक महापुरुष तो वही है, जिसे समाज ने महापुरुष माना। सिद्ध शब्द बहुत ही विस्तार वाला है। रहस्य शब्द हीं अपने आप में एक रहस्य।जब ऐसे शब्द किसी नाम के पीछे जूड़ते … Continue reading सिद्ध पुरुष अतुल्य महामानव मेहेर बाबा। meher bal Vidya Mandir Dehradun.

भारत की असली विरासत महामानव। Bharat ke a athulya mahamanav.

प्राचीन इतिहास से लेकर, आज तक भारत में अनेकों महामानव हुए । उन महामानव को लेकर देश हीं में अनेक पंथ और संप्रदाय हैं। चाहे वह किसी भी जाति धर्म से युक्त व्यक्ति हो, परंतु उनके उद्देश्य तथा क्रियाकलापों में हमेशा से ही सनातन की छवि रहा है।धरती पर अनेक देश है, जहां सिर्फ एक … Continue reading भारत की असली विरासत महामानव। Bharat ke a athulya mahamanav.

भारत के महामानव स्वामी विवेकानंद। Bharat ke mahamanav SwamiVivekananda

विशाल भारत! आज के नौजवान यदि इतिहास को सर्च करेंगे तो उन्हें पता चलेगा, कि आज के समय जितने देश बहुत आगे हैं, उनका पिछला इतिहास क्या रहा है। सभी अपने आप को बड़ा बनाने के लिए एक दूसरे से प्राय: संघर्ष करते रहे। परंतु भारत ने अपने आप को बड़ा बनाने के लिए, इतिहास … Continue reading भारत के महामानव स्वामी विवेकानंद। Bharat ke mahamanav SwamiVivekananda

श्री राम वनवास यात्रा मार्ग तीर्थ स्थान। Shri Ram ke 14 varsh.

अतुल्य भारत में तीर्थ का अपना एक स्थान है। लगभग भारत के हर जिले में एक महत्वपूर्ण तीर्थ मिल जाएगा। सभीं तीर्थ अपने आप में खास है और अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।श्री राम वनवास यात्रा मार्ग तीर्थ स्थान। Shri Ram ke 14 varsh.भगवान 14 वर्ष में देश के किंन-किंन भागों में गए वह स्थान कौन से … Continue reading श्री राम वनवास यात्रा मार्ग तीर्थ स्थान। Shri Ram ke 14 varsh.

ब्रह्मजिज्ञासा। परब्रह्म ईश्वर का चिंतन। Brahmajigyasu. Paarbrahm Chintan.

परब्रह्म परमेश्वर का चिंतन करने से पहले ब्रह्म शब्द के ऊपर विचार करें।वेद साहित्य का मूल भाषा संस्कृत है। शब्द के ऊपर विचार करने से पहले भाषा विषयक भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है। प्राचीन सनातन साहित्य सभीं लगभग संस्कृत भाषा में है। वैदिक काल में संस्कृत भाषा यहां का मुख्य भाषा रहा है।उस समय … Continue reading ब्रह्मजिज्ञासा। परब्रह्म ईश्वर का चिंतन। Brahmajigyasu. Paarbrahm Chintan.

सबसे बड़ा रुपैया। रुपए के रंग हजार। Baap bada na bhaiya. Paise ki takat.

कहते हैं इंसान नहीं बदलता पैसा बदल देता है। व्यक्ति को धन का चाहत अंधा बना देता है। सत्य की बात अनेक होता है ,परंतु जब धन की बात आता है तो सत्य का सुई मानो रुक जाता हो।पूर्व काल से एक मशहूर कहावत चला आ रहा है। "बाप बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपैया।" … Continue reading सबसे बड़ा रुपैया। रुपए के रंग हजार। Baap bada na bhaiya. Paise ki takat.

स्वादिष्ट मिठाई रसगुल्ला। कुछ मीठा हो जाए।Kolkata ka rasgulla.

रसगुल्ला अपने आप में विश्व प्रसिद्ध है। भारत के व्यंजन में मशहूर कोलकाता का रसगुल्ला अपने आप में बेहद खास है। यह रसगुल्ला इतना खास है कि इसे जो खाए वह आनंद में आए और जो ना खाए वह अपना लार टपकाए।रसगुल्ले को भारत का बच्चा-बच्चा जानता है शायद ही कोई होगा जो रसगुल्ला ना … Continue reading स्वादिष्ट मिठाई रसगुल्ला। कुछ मीठा हो जाए।Kolkata ka rasgulla.

प्रकृति से कौन लड़ेगा।माटी कहे कुम्हार से, तु क्या रौंदे मोय । Prakriti se kaun ladega.

कोई कहता है किसी भी प्रकार निराशा की बात मत करो। यह सोचना ही गलत है की वास्तविक सत्य निराशा का कारण हो सकता है। Prakriti se kaun ladega. आज तक प्रकृति से कौन जीत पाया है। संसार के हर प्राणी प्रकृति के आधीन है और प्रकृति के परवश हुआ कर्म किया करते हैं।प्रकृति से … Continue reading प्रकृति से कौन लड़ेगा।माटी कहे कुम्हार से, तु क्या रौंदे मोय । Prakriti se kaun ladega.

शरीर के अंदर ही शैतान है।सुमति कुमति सब कें उर रहहीं। Insan aur Shaitan sikke ke do pehlu.

जहां इंसान का जिक्र होता है वहीं शैतान का भी जिक्र होता है। किसी व्यक्ति के अंदर इंसानियत है तो वह इंसान हैं और यदि उसके अंदर ही शैतानीयत है तो वह शैतान है।शरीर के अंदर ही शैतान है। Insan aur Shaitan sikke ke do pehlu.बचपन में लगभग सभी ने दादा दादी के कहानियां सुने … Continue reading शरीर के अंदर ही शैतान है।सुमति कुमति सब कें उर रहहीं। Insan aur Shaitan sikke ke do pehlu.

प्रेम न बाड़ी ऊपजै। प्रेम अमूल्य है, प्रेम का कीमत सिर्फ प्रेम है। Prem ka kimat sirf Prem hai.

श्री कबीर दास जी को आज संसार में कौन नहीं जानता। संसार की वास्तविकता को अपने दोहे के जरिए प्रस्तुत करने वाले कबीर दास जी भारत में अतुल्य संत में जाते हैं। बहुत लंबे चौड़े भाषण के बजाय वह हर बात को दोहे में कहते रहे। कबीर दास जी के दोहे को समाज में बहुत … Continue reading प्रेम न बाड़ी ऊपजै। प्रेम अमूल्य है, प्रेम का कीमत सिर्फ प्रेम है। Prem ka kimat sirf Prem hai.

वृद्धावस्था जीवन का सबसे बड़ा रोग।Budhapa sab Ko aane wala ek Rog.

इस धरती पर एक रोग ,जो जीवन के जो साथ में आता है ! वह है वृद्धावस्था! कोई बुढ़ापा भी कहता है। यह रोग इतना बड़ा है की प्राचीन काल से इससे लड़ने के लिए अनेकों प्रकार के कोशिश किए गए। आज भी लोग यही सोचते हैं क्या करें कि जीवन का सबसे बड़ा रोग … Continue reading वृद्धावस्था जीवन का सबसे बड़ा रोग।Budhapa sab Ko aane wala ek Rog.

दर्दे दिल की जुबानं। Dard-E-Dil. Dil ka Dard Dil hi jaane.

दिल के दर्द का विषय बहुत ही बड़ा और गहरा होता है। भावनाओं से उत्पन्न हुआ यह दिल का दर्द जीवन से संबंध रखता है। दिल के दर्द का क्या उपाय है। अपने दिल के दर्द के लिए क्या करें ।What is the remedy for heartache? the pain of your heart. क्या एक व्यक्ति अपने … Continue reading दर्दे दिल की जुबानं। Dard-E-Dil. Dil ka Dard Dil hi jaane.

प्रकृति जीव का माता। Jivan ka Aadhar prakriti.

संसार में भारत की संस्कृति अपने आप में बेहद ही खास और महत्वपूर्ण है। यहां हम चिंतन करेंगे ,प्रकृति जीव का माता कैसे? सनातन धर्म वाले प्रकृति को अपनी माता मानते हैं। हर भारतवासी भारत देश को भारत माता कह कर पुकारते हैं। हर भारतवासी भारतीय भूमि को जन्मभूमि मानते हैं। जिस पृथ्वी पर इतना … Continue reading प्रकृति जीव का माता। Jivan ka Aadhar prakriti.

पुस्तक समीक्षा स्वामी श्री विवेकानंद की राजयोग vivekanand rajyog book samiksha

स्वामी श्री विवेकानंद भारत के ऐसे महान संत रहे जिनकी ख्याति विश्व भर में मशहूर है। पुस्तक समीक्षा स्वामी श्री विवेकानंद जी की राजयोग जो योग का एक सर्वोत्तम साधन है।स्वामी जी श्रीमद्भागवत गीता को विशेष प्राथमिकता देते रहें। स्वामी जी ने अपने संदेश में श्रीमद्भागवत गीता के चारों योग का विशेष प्रकार से वर्णन … Continue reading पुस्तक समीक्षा स्वामी श्री विवेकानंद की राजयोग vivekanand rajyog book samiksha

प्राचीन भारत का स्वादिष्ट जलेबी। famous Indian dish Jalebi

अतुल्य भारत अपने अंदर अनेक अतुल्य विरासत संजोए हुए हैं। उन्हीं विरासत में विशेष  अतुल्य भारत के मशहूर व्यंजन जलेबी जिसे भारतवासी बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं। आज भारत में जलेबी अनेक प्रकार के बनते हैं परंतु जलेबी तो जलेबी हैं। भारत का बच्चा से लेकर वृद्ध तक जलेबी खाया करते हैं। भारत … Continue reading प्राचीन भारत का स्वादिष्ट जलेबी। famous Indian dish Jalebi

जीवन में आशा का अंत। Manav jivan mein Chahat.

प्रकृति प्रेम यात्रा की- मानव जीवन में कुछ पाने की आशा। हिंदू धर्म में जीवन। क्या मानव जीवन में पनपने वाले आशा का अंत हो सकता है।एक बच्चा जब से जन्म लेता है, तब से उस बच्चे के अंदर एक आशा का बनना शुरू हो जाता है,'' आशा कौन सी आशा!''कुछ पाने की आशा कुछ … Continue reading जीवन में आशा का अंत। Manav jivan mein Chahat.