सनातन धर्म के लिए आवश्यकता। Aaj ke generation mein hindu dharm ki avashyakta.

विशाल होने के बावजूद आपस में कोई आपसी संघ नहीं है, कुछ संघ है ,तो आपस में अनेक मतभेद है। हिंदू अथवा सनातन शब्दों में यह तो कहते हैं ,कि हम सभीं एक हैं, परंतु वास्तव में अनेक बनकर विचरण करते हैं। इसका दुष्परिणाम पूर्व काल से होते रहा है। परदेसी मत वाले हमेशा से … Continue reading सनातन धर्म के लिए आवश्यकता। Aaj ke generation mein hindu dharm ki avashyakta.

ॐ पूर्णमद: पूर्णमिदं। वेद मंत्र का महत्व क्यों। Vedant Darshan

वेदांत दर्शन समुंद्र के जैसा विशाल है।  संस्कृत भारत दर्शन का प्राचीनतम भाषा है। संस्कृत आज समाज का मुख्य भाषा नहीं है, जिसके वजह से वेदों के शब्दों को आज की प्रचलित भाषा में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। समाज में सनातन समाज के कल्याण के लिए एवं बच्चों को सनातन संस्कृति से जोड़ने के लिए, … Continue reading ॐ पूर्णमद: पूर्णमिदं। वेद मंत्र का महत्व क्यों। Vedant Darshan

शिक्षण विशेष खास। Devbhoomi Uttarakhand mein education. Dehradun.

भारत में तीर्थ नगर देवभूमि के नाम से प्रसिद्ध है उत्तराखंड। उत्तराखंड प्राचीन काल से ही अपने आप में अतुल्य है। उत्तराखंड की वर्तमान राजधानी देहरादून अपने आप में अतुल्य है। शिक्षण विशेष खास। Devbhoomi Uttarakhand mein education. Dehradun. देहरादून शहर पहाड़ों के बीच में बसा हुआ है। एक तरफ शिवालिक की पहाड़ियां और दूसरी … Continue reading शिक्षण विशेष खास। Devbhoomi Uttarakhand mein education. Dehradun.

लक्ष्मण सिद्ध मंदिर। Dehradun siddh sthal.

सनातन धर्म में तपस्या का महत्व किसी से छुपा नहीं है। महान महात्माओं तथा भक्तों के त्याग में सिद्ध स्थल का निर्माण होता है। https://youtu.be/mLRQWzA2Icg ईश्वर सर्वत्र समान रूप से विराजमान है ,फिर भी तपस्या किसी भूमि को विशेष सिद्ध स्थल में निर्माण कर देता है। लक्ष्मण सिद्ध मंदिर। Dehradun siddh sthal. पावन देवभूमि उत्तराखंड … Continue reading लक्ष्मण सिद्ध मंदिर। Dehradun siddh sthal.

मनोकामना पूर्ति चौपाई मंत्र। श्री रामचरित्रमानस। Icchapurti chaupai

श्री रामचरित्रमानस सनातन साहित्य में क्या महत्व रखता है, इससे सभीं परिचित हैं। श्री रामचंद्र स्वयं ही ब्रह्मांड को बनाने वाले कहे जाते हैं। ईश्वर की महिमा अपरंपार है। कहते हैं ईश्वर ने मनुष्य की रचना कर अपनी समस्त शक्तियों को मनुष्य के अंदर डाल दिया। मनुष्य है ,जो सभीं शक्तियों के होने के बाद … Continue reading मनोकामना पूर्ति चौपाई मंत्र। श्री रामचरित्रमानस। Icchapurti chaupai

मृत्योर्मामृतं गमय। मंत्र का भ्रम कैसे दूर हो? Mantra ki Shakti.

मंत्र को लेकर समाज में अनेक प्रकार की भ्रांतियां मौजूद है। "जादू टोना के अचूक मंत्र, वशीकरण मंत्र, सिद्धि मंत्र।" ऐसे मंत्रों के अनेक किताब भी मौजूद है। वास्तव में मंत्र क्या है? इस प्रकार के मंत्र कैसे काम करते हैं? मंत्र को कैसे समझें? समाज के अंदर ऐसे अनगिनत सवाल हैं।सनातन साहित्य में ज्योतिष … Continue reading मृत्योर्मामृतं गमय। मंत्र का भ्रम कैसे दूर हो? Mantra ki Shakti.

प्रेम का लड्डू जीवन का तबाह। Pyar mein mein Dhokha.

सनातन सत्य वास्तविकता को बयां करने की कोशिश करता है। एक मानव का उम्र के अनुसार संसार को देखने का नजरिया रोज बदलता है। दुनिया को देखने का बचपन में अलग अंदाज होता है। जवानी में उसे दुनिया अलग दिखता है। बुढ़ापे में दुनिया को वह अलग पाता है। कभी वह जीवन में जिस प्रेम … Continue reading प्रेम का लड्डू जीवन का तबाह। Pyar mein mein Dhokha.

पूर्वज किसके थे? सनातन भारत का दर्द। Sanatan Bharat ke purvaj

मैं भारत हूं। अपने अतीत की बात सुनाता हूं। यहां के पूर्वज किसके थे? देश के पूर्वजों का कसूर क्या था?  क्यों हम उन्हें भूल गए।मैं भारत हूं, मुझे दर्द है अपने अतीत का। आज कुछ लोग अपने पूर्वजों के वास्तविकता को भूल कर इतिहास को बदलने की कोशिश करते हैं।मेरे ऊपर परदेसी आक्रमणकारियों द्वारा … Continue reading पूर्वज किसके थे? सनातन भारत का दर्द। Sanatan Bharat ke purvaj

Watch “मैं भारत हूं! सनातन धर्म।” on YouTube

मैं भारत हूं। जुल्मों सितम एवं अतीत का दर्द सुनाता हूं।‌‌सम्मान और अभिमान को लूट लिया परदेसी आक्रांताओं ने। सनातन सत्य जो बदलने के बाद भी नहीं बदला, वही मैं भारत हूं।अनेकों बार अमानवीय कुकृत्य करने वाले आज किसी का आदर्श हैं। https://youtu.be/yJbQWKVRG3k "जिसकी लाठी उसकी भैंस।" इतिहास बदलने से अथवा अपना वेशभूषा बदलने से … Continue reading Watch “मैं भारत हूं! सनातन धर्म।” on YouTube

अपना वास्तविक मित्र!विद्या मित्रं प्रवासेषु। Mitra ki paribhasha.

मित्रता के बारे में समझने के लिए यह समझना आवश्यक है , मित्र कौन और मित्र किसका? मित्र के प्रकार अनेक है। जो हमारे लिए भला सोचे, आवश्यकतानुसार उत्तम साथ दें है, उसे मित्र कहेंगे। मित्र के लिए वेद में एक प्रचलित श्लोक हैं। अपना वास्तविक मित्र!विद्या मित्रं प्रवासेषु। Mitra ki paribhasha.sanatansaty ।।विद्या मित्रं प्रवासेषु … Continue reading अपना वास्तविक मित्र!विद्या मित्रं प्रवासेषु। Mitra ki paribhasha.

मीना पंत मेहेर बाल विद्या मंदिर।Meher bal Vidya Mandir doon school

मेहेर बाल विद्या मंदिर(देहरादून का एक स्कूल) के संस्थापक श्री मीणा पंत। मेहेर बाबा आश्रम माजरी माफी देहरादून।मेहेर बाबा की अनन्य भक्तों में से एक यदि इन्हें मैं इन्हें संत कहूं तो आश्चर्य नहीं होगा। इनके पिता श्री शत्रुघ्न घिल्डियाल जो कि मेहेर बाबा के प्रिय भक्तों में से एक रहे। मैं इनके पिता के … Continue reading मीना पंत मेहेर बाल विद्या मंदिर।Meher bal Vidya Mandir doon school

सिद्ध पुरुष अतुल्य महामानव मेहेर बाबा। meher bal Vidya Mandir Dehradun.

कहते हैं ईश्वर की लीला ईश्वर ही जाने। भारत महापुरुषों का देश है। महापुरुष वह नहीं जो अपने आप को महापुरुष कहता हो। वास्तविक महापुरुष तो वही है, जिसे समाज ने महापुरुष माना। सिद्ध शब्द बहुत ही विस्तार वाला है। रहस्य शब्द हीं अपने आप में एक रहस्य।जब ऐसे शब्द किसी नाम के पीछे जूड़ते … Continue reading सिद्ध पुरुष अतुल्य महामानव मेहेर बाबा। meher bal Vidya Mandir Dehradun.

भारत की असली विरासत महामानव। Bharat ke a athulya mahamanav.

प्राचीन इतिहास से लेकर, आज तक भारत में अनेकों महामानव हुए । उन महामानव को लेकर देश हीं में अनेक पंथ और संप्रदाय हैं। चाहे वह किसी भी जाति धर्म से युक्त व्यक्ति हो, परंतु उनके उद्देश्य तथा क्रियाकलापों में हमेशा से ही सनातन की छवि रहा है।धरती पर अनेक देश है, जहां सिर्फ एक … Continue reading भारत की असली विरासत महामानव। Bharat ke a athulya mahamanav.

भारत के महामानव स्वामी विवेकानंद। Bharat ke mahamanav SwamiVivekananda

विशाल भारत! आज के नौजवान यदि इतिहास को सर्च करेंगे तो उन्हें पता चलेगा, कि आज के समय जितने देश बहुत आगे हैं, उनका पिछला इतिहास क्या रहा है। सभी अपने आप को बड़ा बनाने के लिए एक दूसरे से प्राय: संघर्ष करते रहे। परंतु भारत ने अपने आप को बड़ा बनाने के लिए, इतिहास … Continue reading भारत के महामानव स्वामी विवेकानंद। Bharat ke mahamanav SwamiVivekananda

श्री राम वनवास यात्रा मार्ग तीर्थ स्थान। Shri Ram ke 14 varsh.

अतुल्य भारत में तीर्थ का अपना एक स्थान है। लगभग भारत के हर जिले में एक महत्वपूर्ण तीर्थ मिल जाएगा। सभीं तीर्थ अपने आप में खास है और अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।श्री राम वनवास यात्रा मार्ग तीर्थ स्थान। Shri Ram ke 14 varsh.भगवान 14 वर्ष में देश के किंन-किंन भागों में गए वह स्थान कौन से … Continue reading श्री राम वनवास यात्रा मार्ग तीर्थ स्थान। Shri Ram ke 14 varsh.

ब्रह्मजिज्ञासा। परब्रह्म ईश्वर का चिंतन। Brahmajigyasu. Paarbrahm Chintan.

परब्रह्म परमेश्वर का चिंतन करने से पहले ब्रह्म शब्द के ऊपर विचार करें।वेद साहित्य का मूल भाषा संस्कृत है। शब्द के ऊपर विचार करने से पहले भाषा विषयक भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है। प्राचीन सनातन साहित्य सभीं लगभग संस्कृत भाषा में है। वैदिक काल में संस्कृत भाषा यहां का मुख्य भाषा रहा है।उस समय … Continue reading ब्रह्मजिज्ञासा। परब्रह्म ईश्वर का चिंतन। Brahmajigyasu. Paarbrahm Chintan.

सबसे बड़ा रुपैया। रुपए के रंग हजार। Baap bada na bhaiya. Paise ki takat.

कहते हैं इंसान नहीं बदलता पैसा बदल देता है। व्यक्ति को धन का चाहत अंधा बना देता है। सत्य की बात अनेक होता है ,परंतु जब धन की बात आता है तो सत्य का सुई मानो रुक जाता हो।पूर्व काल से एक मशहूर कहावत चला आ रहा है। "बाप बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपैया।" … Continue reading सबसे बड़ा रुपैया। रुपए के रंग हजार। Baap bada na bhaiya. Paise ki takat.

स्वादिष्ट मिठाई रसगुल्ला। कुछ मीठा हो जाए।Kolkata ka rasgulla.

रसगुल्ला अपने आप में विश्व प्रसिद्ध है। भारत के व्यंजन में मशहूर कोलकाता का रसगुल्ला अपने आप में बेहद खास है। यह रसगुल्ला इतना खास है कि इसे जो खाए वह आनंद में आए और जो ना खाए वह अपना लार टपकाए।रसगुल्ले को भारत का बच्चा-बच्चा जानता है शायद ही कोई होगा जो रसगुल्ला ना … Continue reading स्वादिष्ट मिठाई रसगुल्ला। कुछ मीठा हो जाए।Kolkata ka rasgulla.

प्रकृति से कौन लड़ेगा।माटी कहे कुम्हार से, तु क्या रौंदे मोय । Prakriti se kaun ladega.

कोई कहता है किसी भी प्रकार निराशा की बात मत करो। यह सोचना ही गलत है की वास्तविक सत्य निराशा का कारण हो सकता है। Prakriti se kaun ladega. आज तक प्रकृति से कौन जीत पाया है। संसार के हर प्राणी प्रकृति के आधीन है और प्रकृति के परवश हुआ कर्म किया करते हैं।प्रकृति से … Continue reading प्रकृति से कौन लड़ेगा।माटी कहे कुम्हार से, तु क्या रौंदे मोय । Prakriti se kaun ladega.

शरीर के अंदर ही शैतान है।सुमति कुमति सब कें उर रहहीं। Insan aur Shaitan sikke ke do pehlu.

जहां इंसान का जिक्र होता है वहीं शैतान का भी जिक्र होता है। किसी व्यक्ति के अंदर इंसानियत है तो वह इंसान हैं और यदि उसके अंदर ही शैतानीयत है तो वह शैतान है।शरीर के अंदर ही शैतान है। Insan aur Shaitan sikke ke do pehlu.बचपन में लगभग सभी ने दादा दादी के कहानियां सुने … Continue reading शरीर के अंदर ही शैतान है।सुमति कुमति सब कें उर रहहीं। Insan aur Shaitan sikke ke do pehlu.

प्रेम न बाड़ी ऊपजै। प्रेम अमूल्य है, प्रेम का कीमत सिर्फ प्रेम है। Prem ka kimat sirf Prem hai.

श्री कबीर दास जी को आज संसार में कौन नहीं जानता। संसार की वास्तविकता को अपने दोहे के जरिए प्रस्तुत करने वाले कबीर दास जी भारत में अतुल्य संत में जाते हैं। बहुत लंबे चौड़े भाषण के बजाय वह हर बात को दोहे में कहते रहे। कबीर दास जी के दोहे को समाज में बहुत … Continue reading प्रेम न बाड़ी ऊपजै। प्रेम अमूल्य है, प्रेम का कीमत सिर्फ प्रेम है। Prem ka kimat sirf Prem hai.

वृद्धावस्था जीवन का सबसे बड़ा रोग।Budhapa sab Ko aane wala ek Rog.

इस धरती पर एक रोग ,जो जीवन के जो साथ में आता है ! वह है वृद्धावस्था! कोई बुढ़ापा भी कहता है। यह रोग इतना बड़ा है की प्राचीन काल से इससे लड़ने के लिए अनेकों प्रकार के कोशिश किए गए। आज भी लोग यही सोचते हैं क्या करें कि जीवन का सबसे बड़ा रोग … Continue reading वृद्धावस्था जीवन का सबसे बड़ा रोग।Budhapa sab Ko aane wala ek Rog.

दर्दे दिल की जुबानं। Dard-E-Dil. Dil ka Dard Dil hi jaane.

दिल के दर्द का विषय बहुत ही बड़ा और गहरा होता है। भावनाओं से उत्पन्न हुआ यह दिल का दर्द जीवन से संबंध रखता है। दिल के दर्द का क्या उपाय है। अपने दिल के दर्द के लिए क्या करें ।What is the remedy for heartache? the pain of your heart. क्या एक व्यक्ति अपने … Continue reading दर्दे दिल की जुबानं। Dard-E-Dil. Dil ka Dard Dil hi jaane.

प्रकृति जीव का माता। Jivan ka Aadhar prakriti.

संसार में भारत की संस्कृति अपने आप में बेहद ही खास और महत्वपूर्ण है। यहां हम चिंतन करेंगे ,प्रकृति जीव का माता कैसे? सनातन धर्म वाले प्रकृति को अपनी माता मानते हैं। हर भारतवासी भारत देश को भारत माता कह कर पुकारते हैं। हर भारतवासी भारतीय भूमि को जन्मभूमि मानते हैं। जिस पृथ्वी पर इतना … Continue reading प्रकृति जीव का माता। Jivan ka Aadhar prakriti.

पुस्तक समीक्षा स्वामी श्री विवेकानंद की राजयोग vivekanand rajyog book samiksha

स्वामी श्री विवेकानंद भारत के ऐसे महान संत रहे जिनकी ख्याति विश्व भर में मशहूर है। पुस्तक समीक्षा स्वामी श्री विवेकानंद जी की राजयोग जो योग का एक सर्वोत्तम साधन है।स्वामी जी श्रीमद्भागवत गीता को विशेष प्राथमिकता देते रहें। स्वामी जी ने अपने संदेश में श्रीमद्भागवत गीता के चारों योग का विशेष प्रकार से वर्णन … Continue reading पुस्तक समीक्षा स्वामी श्री विवेकानंद की राजयोग vivekanand rajyog book samiksha

प्राचीन भारत का स्वादिष्ट जलेबी। famous Indian dish Jalebi

अतुल्य भारत अपने अंदर अनेक अतुल्य विरासत संजोए हुए हैं। उन्हीं विरासत में विशेष  अतुल्य भारत के मशहूर व्यंजन जलेबी जिसे भारतवासी बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं। आज भारत में जलेबी अनेक प्रकार के बनते हैं परंतु जलेबी तो जलेबी हैं। भारत का बच्चा से लेकर वृद्ध तक जलेबी खाया करते हैं। भारत … Continue reading प्राचीन भारत का स्वादिष्ट जलेबी। famous Indian dish Jalebi

व्यापार और व्यापारी का कौशल दुनिया में मशहूर है। Bhartiya Vyapar aur vyapari

अतुल्य भारतीय कौशल - भारत के व्यापार और व्यापारी। क्या व्यापारी जनता नहीं हो सकता? व्यापारी समाज में एक मशहूर कहावत है।" संसार में सब कुछ बिकता है बशर्ते की उसे समझ कर बोली लगाने वाला चाहिए।" सब कुछ बिकता है कहने का अर्थ यह नहीं होता कि व्यक्ति अपनी खुशियों को बेच देता है। … Continue reading व्यापार और व्यापारी का कौशल दुनिया में मशहूर है। Bhartiya Vyapar aur vyapari

भारत का कौशल पूरे विश्व में अतुल्य है। Bharat ka Kaushal Atulya hai

विश्व में भारत का कौशल अपने आप में खास है। अतुल्य भारत और भारत का कौशल पूरे विश्व में अतुल्य है।सनातन भारत अपने इतिहास में बहुत कुछ ऐसा संजोए रखा है जो भारत को विश्व पटल पर हमेशा ही खास बनाता है। विश्व में भारतीयों का कौशल अपने आप में खास है।भारतीयों में सीखने की … Continue reading भारत का कौशल पूरे विश्व में अतुल्य है। Bharat ka Kaushal Atulya hai

नोक-झोंक भरा व्यंगात्मक आलोचना। Golu Goli majak Masti.

व्यंग आलोचना- ०१ गोलू गोली नोकझोंक भरा सामाजिक व्यंग। पति पत्नी की नोक झोंक। पति-पत्नी का नोक-झोंक भरा व्यंगात्मक आलोचना। ''गोलू-गोली वार्ता'' गोलू गोली का आपसी नोकझोंक भरा व्यंग।गोलू गांव का एक पढ़ा लिखा गवांर व्यक्ति है, और गोली शहर की महत्वकांक्षी महिला है। कहते हैं जोड़ियां ऊपर वाला बनाता है या यूं कह सकते … Continue reading नोक-झोंक भरा व्यंगात्मक आलोचना। Golu Goli majak Masti.

जीवन में आशा का अंत। Manav jivan mein Chahat.

प्रकृति प्रेम यात्रा की- मानव जीवन में कुछ पाने की आशा। हिंदू धर्म में जीवन। क्या मानव जीवन में पनपने वाले आशा का अंत हो सकता है।एक बच्चा जब से जन्म लेता है, तब से उस बच्चे के अंदर एक आशा का बनना शुरू हो जाता है,'' आशा कौन सी आशा!''कुछ पाने की आशा कुछ … Continue reading जीवन में आशा का अंत। Manav jivan mein Chahat.

माता पिता दोषी क्यों? Man baap ki ki Kaun sune.

मां बाप हीं गुनहगार क्यों। माता-पिता को दोषी ठहराया जा सकता है। सनातन और हिंदू धर्म में प्रेम एक दर्शन। सब करने के बाद माता पिता बच्चे के लिए दोषी क्यों?माता पिता अपने बच्चों से विशेष क्या उम्मींद करते हैं। क्या वे ऐसा चाहते हैं कि बच्चे अपनी सारी खुशियां त्याग दें, अथवा बच्चे जीना … Continue reading माता पिता दोषी क्यों? Man baap ki ki Kaun sune.

सनातन धर्म का वास्तविक विचारधारा। Hindu vichardhara.

हिंदू विचारधारा क्या कहता है। सनातन धर्म वाले की वास्तविक सोच क्या है। हिंदू धर्म। सनातन या हिंदू विचारधारा क्या है?सभीं सनातन महानुभावों को ईश्वर स्वरूपांश नमन। हिंदू कोई धर्म नहीं है, हिंदू एक सभ्यता है। सभी अपने-अपने दर्द की बात करते हैं परंतु हिंदुस्तान अपना दर्द किसको सुनाएं और हिंदुस्तान का दर्द कौन समझे। … Continue reading सनातन धर्म का वास्तविक विचारधारा। Hindu vichardhara.

श्री राम और रामायण। Charitra Puran Shri Ramcharitmanas.

रामचरित्र मानस मानव के लिए चरित्र का उत्तम मापदंड है। क्या राम चरित्र मानस सिर्फ राम कथा है। संसार में यदि चरित्र के मापदंड की बात करें तो श्री राम कथा से उत्तम कुछ नहीं होगा। राम कथा लोगों ने अनेक प्रकार से अनेक बार सुना होगा। प्रायः सभी को श्री राम कथा पता है। … Continue reading श्री राम और रामायण। Charitra Puran Shri Ramcharitmanas.

गरुड़ पुराण एक अद्भुत महापुराण। Karm fal ka samvidhan.

सनातन साहित्य में एक अद्भुत महापुराण है, गरुड़ पुराण! वैसे तो गरुड़ पुराण को विशेषकर पित्र देव के लिए जाना जाता है। सनातन में वैसे सभीं पुराणों का अपना-अपना महत्व है उनमें गरुड़ पुराण का अपना एक अलग महत्व है। समयानुसार मुझे अनेक धर्म ग्रंथों के करीब जाने का अवसर मिला ।उसी में मैं गरुड़ … Continue reading गरुड़ पुराण एक अद्भुत महापुराण। Karm fal ka samvidhan.

अद्भुत संस्कृति का बेजोड़ संगम भारत। Bharat ke Kan Kan mein Sanatan.

भारत दर्शन ०२। अतुल्य भारत दर्शन। मानव संस्कृति का बेजोड़ संगम। हिंदू धर्म में भारत। सनातन धर्म। मानव संस्कृति का बेजोड़ संगम अतुल्य भारत। अतुल्य भारत स्वयं से ही हमेशा अतुल्य रहा है। भारत को यदि भाषा की दृष्टि से कहा जाए तो आधिकारिक तौर पर 22 भाषाएं हैं। इन भाषाओं से अलग भी अनेक … Continue reading अद्भुत संस्कृति का बेजोड़ संगम भारत। Bharat ke Kan Kan mein Sanatan.

सभीं वेद पुराण पीडीएफ में उपलब्ध। vedpuran download.

सनातन धर्म अथवा हिंदू धर्मम में धर्म ग्रंथ का महत्व। सभी हिंदू धर्म के वेद पुराण पीडीएफ के रूप में कैसे प्राप्त हो। हिंदू धर्म ग्रंथ जिसे सभी सनातन अपने अनुसार से तलाश करते हैं।एक समय था की वेद पुराण को सुनने के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था। उसके बाद जब वेद पुराण पर … Continue reading सभीं वेद पुराण पीडीएफ में उपलब्ध। vedpuran download.

श्रद्धेय स्वामी श्री रामसुखदास जी जीवन वसीयत। Ram Sukh Das Ji ka jivan Charitra.

श्रद्धेय स्वामी श्री रामसुखदास जी जीवन चरित्र। रामसनेही। हिंदू धर्म में संत। सनातन धर्म में संत दर्शन। स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज अपने आप में सरल और विलक्षण संत रहे। स्वामी जी का सरलता, सादगी और नि:स्वार्थता में पूरे संत समाज में किसी से तुलना नहीं हो सकता। श्रद्धेय स्वामी श्री रामसुखदास जी जीवन चरित्र। … Continue reading श्रद्धेय स्वामी श्री रामसुखदास जी जीवन वसीयत। Ram Sukh Das Ji ka jivan Charitra.

श्रीमद्भागवत गीता साधक संजीवनी। Sadak ke liye Amrit sadhak Sanjivani.

श्रीमद्भागवत गीता साधक संजीवनी। श्रीमद्भागवत गीता के ऊपर प्राचीन काल से शोध होते रहा है। श्रीमद्भागवत गीता प्रेमी अपने - अपने अनुसार से गीता जी को समझते रहे और संसार को समझाते रहे। साधक संजीवनी साधक के लिए एक अमृत के समान। श्रीमद्भागवत गीता में हर प्रश्न का उत्तर मिलता है साधक संजीवनी को समझने … Continue reading श्रीमद्भागवत गीता साधक संजीवनी। Sadak ke liye Amrit sadhak Sanjivani.

प्रकृति का नि: शब्द संदेश। Prakriti ka awaaz.

प्रकृति का नि: शब्द संदेश। प्रकृति हमसे क्या चाहता है। आज का विशेष विचार। विश्व में प्रकृति का नि: शब्द संदेश। प्रकृति ने जन्म से ही व्यक्ति को बहुत कुछ दिया हुआ है। उसके बावजूद भी व्यक्ति संसार में और भी जो कुछ देखता है सबका तमन्ना कर लेता है। वास्तव में व्यक्ति को परमेश्वर … Continue reading प्रकृति का नि: शब्द संदेश। Prakriti ka awaaz.

मानव यात्रा की कहानी।Prakriti me manav yatra

प्रकृति में एक मानव दर्शन। हिंदू धर्म में मानव यात्रा। सनातन धर्म में मानव का जीवन। प्रकृति में मानव यात्रा की कहानी। खामोश था, ना बोलने की इच्छा थी, नहीं चलने की सोच, ना उजाला दिखता था, नहीं अंधेरे का बोध था। कहां था इसका भी पता ना था। क्या था, क्या होना चाहिए था, … Continue reading मानव यात्रा की कहानी।Prakriti me manav yatra

सनातन भारत का अतुल्य तिर्थ उत्तराखंड। Mahan tirth devbhumi.

देवभूमि उत्तराखंड विशेष। उत्तरांचल। हिंदू धर्म का परम पवित्र भूमि। सनातन धर्म में देवभूमि। हिंदू धर्म का सर्वोत्तम तीर्थ प्रदेश उत्तराखंड।भारत प्राचीन काल से ही तीर्थों के लिए मशहूर रहा है। उसका कारण यहां भारत की संस्कृति। भारत में अनेक धर्म समूह मिलकर बहुत ही आनंद के साथ एक साथ रहते हैं। देवभूमि उत्तराखंड भारत … Continue reading सनातन भारत का अतुल्य तिर्थ उत्तराखंड। Mahan tirth devbhumi.

भगवान से वास्तविक प्रार्थना। Ishwar se prathna

हिंदू धर्म में स्तुति संग्रह। अपने परमात्मा से प्रार्थना कैसे करें। सनातन धर्म दर्शन। भक्त अपने भगवान से प्रार्थना कैसे करें? परमेश्वर भक्ति में अनेकों प्रकार के क्रियाएं कहा गया है। उन क्रियाओं में सबसे महत्वपूर्ण क्रिया है परमेश्वर से प्रार्थना। प्रार्थना के ऊपर चिंतन करें उससे पहले हम कुछ और चिंतन करें। आप एक … Continue reading भगवान से वास्तविक प्रार्थना। Ishwar se prathna

रामचरित्र मानस इतना महान क्यों?Ramcharitmanas

रामचरित्र मानस की विशेषता। हिंदू धर्म में राम चरित्र की विशेषता। सनातन धर्म में चरित्र दर्शन। सनातन धर्म में रामचरित्र मानस इतना महान क्यों? महानुभाव! श्री रामायण एक चरित्र विशेष ग्रंथ है, अनेक भाषाएं तथा टीका में मौजूद है। समाज में ग्रंथ के साथ-साथ इसमें मौजूद चरित्र की भी पूजा होता है।कुछ ऐसे भी हैं … Continue reading रामचरित्र मानस इतना महान क्यों?Ramcharitmanas

श्रीमद्भागवत गीता १/२० – १/३२

श्रीमद्भागवत गीता १/२० - १/३२ अर्जुन विषाद का भर जाना और भगवान से प्रार्थना। हिंदू धर्म। सनातन धर्म। अर्जुन उवाचःअथ व्यवस्थितान्दृष्ट्वा धार्तराष्ट्रान्‌ कपिध्वजः ।प्रवृत्ते शस्त्रसम्पाते धनुरुद्यम्य पाण्डवः ॥ १/२०हृषीकेशं तदा वाक्यमिदमाह महीपते ।सेनयोरुभयोर्मध्ये रथं स्थापय मेऽच्युत ॥ १/२१हे राजन्‌! इसके बाद कपिध्वज अर्जुन ने मोर्चा बाँधकर डटे हुए धृतराष्ट्र-संबंधियों को देखकर, उस शस्त्र चलने की … Continue reading श्रीमद्भागवत गीता १/२० – १/३२

क्या पूजन आवश्यक है?Pooja Kyon.

वैदिक पूजन क्या है। भक्ति में क्या पूजन आवश्यक है। हिंदू धर्म और पूजन। सनातन धर्म पूजन एक दर्शन दो। क्या भगवान को पाने के लिए पूजन आवश्यक है? वैदिक पूजन और भक्ति पूजन दोनों अलग-अलग है। वैदिक अनुष्ठान सभी एक नियम के तहत होता है। वैदिक परंपरा का एक आधार रखा गया है। वैदिक … Continue reading क्या पूजन आवश्यक है?Pooja Kyon.

भगवान की भक्ति कैसे करें? Ishwar bhakti kaise ho.

भक्ति कैसे करें? हिंदू धर्म में भक्ति की परिभाषा। सनातन धर्म में भक्ति कैसे हो। हिंदू धर्म में भगवान की भक्ति कैसे करें?अपने तथा अपनों को लेकर समस्त संसार पर एक परमेश्वर का ही अधिकार है। परमेश्वर हर प्रकार से सक्षम है और परमेश्वर का तुलना कोई नहीं कर सकता। परमेश्वर ने हमें बनाया और … Continue reading भगवान की भक्ति कैसे करें? Ishwar bhakti kaise ho.

गुरु से सद्गुरु महान होता है? Guru ki mahanta.

गुरु और सद्गुरु में क्या अंतर है। हिंदू धर्म में गुरु कैसा हो। सनातन धर्म गुरु के लिए क्या कहता है। गुरु से भी सद्गुरु महान क्यों होता है? इसे सरल भाषा में समझने के लिए सबसे पहले यह समझना होगा कि गुरु किसका। गुरु का व्याख्या बहुत लंबा हो सकता है । जिसके द्वारा … Continue reading गुरु से सद्गुरु महान होता है? Guru ki mahanta.

प्रेम का हकदार कौन? Pagalpan aur Prem Yatra.

प्रेम एवं पागलपन की यात्रा किसके लिए है? प्रेम का वास्तविक हकदार कौन? सनातन और हिंदू धर्म में प्रेम दर्शन। प्रेम यात्रा किसके लिए और प्रेम का वास्तविक हकदार कौन?एक पुरानी कहावत है "इश्क नहीं आसान इतना एक आग का दरिया है और डूब कर जाना है।"निश्चित तौर पर इस एक आग का दरिया है … Continue reading प्रेम का हकदार कौन? Pagalpan aur Prem Yatra.

प्रेम और सम्मान का तुलना स्वर्ग से कैसे हो सकता है?

प्रकृति प्रेम यात्रा की-०८ स्वर्ग और नर्क क्या होता है? प्रेम और सम्मान स्वर्ग कैसे हो सकता है? हिंदू और सनातन धर्म में प्रेम एक दर्शन। प्रेम और सम्मान का तुलना स्वर्ग से कैसे हो सकता है?सम्मान प्रेम का ही दूसरा रूप है। जब व्यक्ति के लिए किसी दूसरे के अंदर प्रेम जागृत होता है … Continue reading प्रेम और सम्मान का तुलना स्वर्ग से कैसे हो सकता है?

औरत ही हर बार क्यों सुनें। Aurat Apne khushiyon ka tyag kyon Karen.

हर बार हर जगह सिर्फ औरत ही क्यों सुने? सनातन और हिंदू धर्म में प्रेम एक दर्शन। औरत ही हर जगह हर बार अकेली क्यों सुनें?सामाजिक व्यवस्था में नारी का स्थान कहां है यह सभी को पता है। चर्चा तो बहुत होता है परंतु पुरुष प्रधानता की वजह से नारी के ऊपर जो ध्यान होना … Continue reading औरत ही हर बार क्यों सुनें। Aurat Apne khushiyon ka tyag kyon Karen.

मूर्ति पूजा किस लिए। Murti Pujan kyon.

सनातन धर्म में मूर्ति पूजन क्यों?चरित्र पूजन क्या है? हिंदू धर्म में देवताओं का पूजन क्या अर्थ है? क्या मूर्ति पूजन से भगवान की प्राप्ति होता है? मूर्ति पूजा में एक भक्त अपने परमेश्वर स्वामी को समाज तथा जगत का अधिष्ठाता समझकर उनका हर प्रकार से सेवा और ख्याल रखता है। वह भक्त यही मानता … Continue reading मूर्ति पूजा किस लिए। Murti Pujan kyon.

मानव धर्म और हिंदू धर्म। Manav Dharm

संसार में मानव धर्म क्यों? हिंदू धर्म की आवश्यकता क्यों। सनातन धर्म दर्शन। क्या मानव धर्म हीं हिंदू धर्म है? मानव धर्म यह किसके लिए है? मानव धर्म वह धर्म नहीं जो हमें अपने धर्म समूह से मिला है। अपना धर्म समूह हमें अपने लिए धर्म सिखाता है परंतु मानव धर्म संपूर्ण समाज के लिए … Continue reading मानव धर्म और हिंदू धर्म। Manav Dharm

प्रेमी को प्रेम और प्रेम को क्या चाहिए? Lover ko love chahie.

व्यक्ति को प्रेम चाहिए और प्रेम को क्या चाहिए? हिंदू और सनातन धर्म में प्रेम एक दर्शन। प्रेम की परिभाषा का कोई सीमा नहीं हो सकता। किसी व्यक्ति को प्रेम चाहिए और प्रेम को क्या चाहिए। प्रेमी को प्रेम चाहिए और प्रेम को क्या चाहिए?हर कला कहता है मुझसे प्रेम करो। हर कला कहता है … Continue reading प्रेमी को प्रेम और प्रेम को क्या चाहिए? Lover ko love chahie.

श्रीमद्भागवत गीता १/२ -१/१९

श्रीमद्भागवत गीता १/२ -१/१९ अर्जुन विषाद का भर जाना और भगवान से प्रार्थना। हिंदू धर्म। सनातन धर्म। संजय उवाचदृष्टवा तु पाण्डवानीकं व्यूढं दुर्योधनस्तदा ।आचार्यमुपसंगम्य राजा वचनमब्रवीत्‌ ॥१/२।।संजय बोले- उस समय राजा दुर्योधन ने व्यूहरचनायुक्त पाण्डवों की सेना को देखा और द्रोणाचार्य के पास जाकर यह वचन कहा॥ पश्यैतां पाण्डुपुत्राणामाचार्य महतीं चमूम्‌ ।व्यूढां द्रुपदपुत्रेण तव शिष्येण … Continue reading श्रीमद्भागवत गीता १/२ -१/१९

समाज में श्रेष्ठता का मतलब क्या है।यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जन:।

यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जन:।स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥(तृतीय अध्याय, श्लोक 21)अर्थात- श्रेष्ठ पुरुष जो-जो आचरण यानी जो-जो काम करते हैं, दूसरे मनुष्य भी वैसा ही आचरण, वैसा ही काम करते हैं। श्रेष्ठ के लिए हिंदू धर्म और सनातन धर्म क्या कहता है? वह जो प्रमाण या उदाहरण प्रस्तुत करता है, समस्त मानव-समुदाय उसी का अनुसरण करने लग … Continue reading समाज में श्रेष्ठता का मतलब क्या है।यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जन:।

प्रकृति मानव से प्रेम नहीं खोजता? Prakriti ka prakriti.

क्या प्रकृति हम से प्रेम नहीं खोजता? सनातन और हिंदू धर्म में प्रेम एक दर्शन। क्या यह विशाल प्रकृति हम मानव से प्रेम नहीं खोजता?सभी को पता है संसार में प्रकृति है तो हम सब हैं और यदि प्रकृति नहीं तो हम सब भी नहीं। एक पेड़ की बात करें तो पेड़ को हमसे क्या … Continue reading प्रकृति मानव से प्रेम नहीं खोजता? Prakriti ka prakriti.

माता का दिल और प्रेम। Maa ke Prem ki paribhasha.

माता के प्रेम का आधार क्या होता है? सनातन और हिंदू धर्म में प्रेम एक दर्शन। माता के प्रेम का वास्तविक परिभाषा क्या है?एक माता के प्रेम को तौलना मूर्खता होगा। क्योंकि संसार में एक मां ही है जो अपनी खुशी को बच्चे का खुशी समझती है। निश्चित तौर पर मां की आशाएं होती है। … Continue reading माता का दिल और प्रेम। Maa ke Prem ki paribhasha.

दुनिया में सबको प्रेम चाहिए। Sansar mein sab Prem ke bhukhe Hain.

कौन है जिसे प्रेम नहीं चाहिए? हिंदू और सनातन धर्म में प्रेम एक दर्शन। संसार में कौन है जिसको प्रेम नहीं चाहिए?कहते हैं धरती पर यदि सबसे कोई खतरनाक जीव है तो वह है मानव! एक शेर हिरण का शिकार करता है क्यों? क्योंकि वह घास नहीं खा सकता। मानव अपने स्वार्थ सिद्ध करने के … Continue reading दुनिया में सबको प्रेम चाहिए। Sansar mein sab Prem ke bhukhe Hain.

भगवान भक्त को तकलीफ देते हैं? Dukhi bhagt

क्या भगवान भक्तों को तकलीफ देते हैं? हिंदू धर्म। सनातन धर्म दर्शन। क्या भगवान कभी भक्तों को तकलीफ देते हैं? परमेश्वर एक मां की तरह है। जिस प्रकार मां को बच्चे से अपने प्रेम के बदले कुछ नहीं चाहिए परमेश्वर भी वैसा ही है। वैसे तो परमेश्वर सबके लिए समान व्यवहार करता है, परंतु जो … Continue reading भगवान भक्त को तकलीफ देते हैं? Dukhi bhagt

हिंदू धर्म का आधार क्या है। Hindu dharm ka Aadhar.

धर्म का आधार क्या? हिंदू धर्म का आधार क्या है। सनातन धर्म धर्म के लिए क्या कहता है। धर्म क्यों?हिंदू धर्म में धर्म का आधार क्या है।धर्म शब्द से प्राय: समाज में एक ही अर्थ निकलता है, जाति धर्म। जबकि धर्म के लिए इस प्रकार नहीं कहा जा सकता, सामाजिक रीतियों द्वारा बनाए गए, अथवा … Continue reading हिंदू धर्म का आधार क्या है। Hindu dharm ka Aadhar.

प्रेम को अपने लिए क्या चाहिए।

प्रकृति प्रेम यात्रा की- ०२, प्रेम सदैव के लिए त्याग खोजता है। सनातन और हिंदू धर्म में प्रेम एक दर्शन। प्रेम को अपने लिए क्या चाहिए।इस प्रकृति में शायद ही ऐसा कोई जीव है जो प्रेम नहीं करता। प्रेम को क्या चाहिए, प्रेम को सिर्फ प्रेम चाहिए। यदि करीब से देखें तो एक मानव कितने … Continue reading प्रेम को अपने लिए क्या चाहिए।

श्रीमद्भागवत गीता १/१

श्रीमद्भागवत गीता १/१ अर्जुन विषाद का भर जाना और भगवान से प्रार्थना। हिंदू धर्म। सनातन धर्म। श्रीमद्भागवत गीता के बारे में कितना भी कहा जाए कम है ‌। यहां तक कि कितना भी समझ लिया जाए वह भी कम है। महानुभाव-मित्रों! इससे पहले श्रीमद्भागवत गीता क्यों? श्रीमद्भागवत गीता के महत्व संक्षेप में मैंने कहने की … Continue reading श्रीमद्भागवत गीता १/१

प्रेम की वास्तविक परिभाषा क्या है? Prem ki paribhasha.

प्रेम की परिभाषा। सनातन धर्म में प्रेम दर्शन। प्रेम के लिए हिंदू धर्म क्या कहता है। प्रेम की वास्तविक परिभाषा क्या है?प्रेम वहां से शुरू होता है, जहां बुद्धि अपना कार्य छोड़ देता है। इसीलिए इतिहास में अनेक महामानव यह बात दर्शा कर गए, प्रेम तो संसार में परम पवित्र तत्व है। सांसारिक दृष्टि से … Continue reading प्रेम की वास्तविक परिभाषा क्या है? Prem ki paribhasha.

मानव सबसे बड़ा दुश्मन कौन है? Manav ka Dushman.

समाजिक दृष्टि से जो बेवजह हमें किसी व्यक्ति का नुकसान पहुंचाए वह दुश्मन है। परंतु वास्तव में जो बेवजह किसी को नुकसान पहुंचाता है, वह तो मानव हो ही नहीं सकता, उसे दुश्मन की गिनती में नहीं ले सकते। अब बात आता है ,जो हमारा दोष देखता है, क्या वह हमारा दुश्मन है। दोष देखने … Continue reading मानव सबसे बड़ा दुश्मन कौन है? Manav ka Dushman.

चमत्कार का वास्तविकता। Chamatkar kaise hota hai.

सनातन भारत में, अथवा संसार के अनेक भाग में, प्राचीन समय से चमत्कार होते रहे हैं। चमत्कार के ऊपर भरोसा करने वाले, कम नहीं। चमत्कार दिखाने वाले के लिए क्या करना है, मैजिक दिखाओ और सामने वाले को खुश करो, यह उनका कला है। कहीं-कहीं मैजिक दिखाकर जनता को लूटने का भी काम होते देखा … Continue reading चमत्कार का वास्तविकता। Chamatkar kaise hota hai.

प्रेम की वास्तविकता क्या है? प्रेम में समर्पण।Saccha Prem aur jhuta Prem.

प्रेम और फ्रेम में क्या अंतर है? हिंदू धर्म में प्रेम की वास्तविकता। सनातन धर्म में प्रेम। सच्चा प्रेम और झूठा प्रेम की वास्तविकता क्या है?प्रेम तो वह है जिसमें व्यक्ति प्रेम के चक्कर में अपने स्वार्थ को भूल जाता है। प्रेम रूपी फ्रेम वह है जो बनाया हुआ है, जो महज प्रेम का ढांचा … Continue reading प्रेम की वास्तविकता क्या है? प्रेम में समर्पण।Saccha Prem aur jhuta Prem.

प्रेम रस – ग्रंथ श्री भागवत पुराण। Bhakti ras Bhagwat mahapuran.

श्रीमद् भागवत क्या कहता है। भागवत कथा। सनातन धर्म में भागवत पुराण एक दर्शन। हिंदू धर्म। प्रेम रस से भरा हुआ ग्रंथ श्री भागवत पुराण।सनातन साहित्य में विशेषकर परमेश्वर की भक्ति के लिए मुख्य चार मार्ग बताए गए हैं। एक तो ज्ञान योग-जिसमें ज्ञान के जरिए भक्त परमेश्वर को देखता है। दूसरा है कर्म योग-इसके … Continue reading प्रेम रस – ग्रंथ श्री भागवत पुराण। Bhakti ras Bhagwat mahapuran.

रोटी कपड़ा और मकान। Manav ashanti mein Shanti khojta hai.

मानव क्या खोज रहा है। हिंदू धर्म में शांति कैसे मिले। शांति के लिए सनातन धर्म क्या कहता है। क्या एक मानव समाज के अंदर अपने लिए शांति खोज सकता है।कहते हैं जरूरतें कभी पूरा नहीं होता। जरूरत ! आखिर क्यों पूरा हो? जरूरत यदि रोटी कपड़ा और मकान का होता तो निश्चित तौर पर … Continue reading रोटी कपड़ा और मकान। Manav ashanti mein Shanti khojta hai.

क्या भगवान बना जा सकता है। Bhagwan se tulna.

क्या आपने आपको भगवान से तुलना करना अच्छा है? हिंदू धर्म। सनातन धर्म। क्या व्यक्ति भगवान बन सकता है।सभी मानव परमेश्वर को अपने सदृश्य मानते हैं, हम सभी मानव का सोच हो सकता है। एक तर्क से यह कहा जा सकता है की धरती पर जितने भी जीव हैं, उतने ही स्वरूपों में उनके भगवान … Continue reading क्या भगवान बना जा सकता है। Bhagwan se tulna.

मानव का सपना चिड़िया बनाना। Manav ka Sapna.

एक चिड़िया और मानव। हिंदू धर्म। तन धर्म। मानव की सोच। मानव कुछ भी कर ले चिड़ियां नहीं बन सकता। एक चिड़िया बैठी डाल पर, काश मैं भी इंसान होती, तुम मुझे यूं बार-बार उड़कर खाना खाने के लिए ना जाना पड़ता। मैं भी अपने घर में बहुत बड़ा खाने का भंडार रखा करती। काश … Continue reading मानव का सपना चिड़िया बनाना। Manav ka Sapna.

संसार में दुखी कौन नहीं। Prakriti mein sabko dukh hai.

संसार में दुखी कौन नहीं है। सुख कैसे मिले। हिंदू धर्म। सनातन धर्म। संसार में ऐसा कौन सा जीव है जो दुखी ना हो? संसार बहुत बड़ा है और सभी जीवों का अपना अपना दुख है। जल में रहने वाले, धरती पर आने तथा आकाश में विचरण करने वाले, जो जीव हैं, सभी को अपना … Continue reading संसार में दुखी कौन नहीं। Prakriti mein sabko dukh hai.

पैसा फेक तमाशा देख। Paisa fek Tamasha dekh.

पैसा फेक तमाशा देख! सत्य सदैव सत्य है फिर भी समाज का सत्य पैसा है। हिंदू धर्म। सनातन धर्म। पैसा फेक तमाशा देख ! जब व्यक्ति को किसी प्रकार दिल को ठेस पहुंचता है तो उसे बहुत किस्म के बातें सामने आने लगता है। ' ''दुनियासत्य पर चलता है, दु:ख का बदला दु:ख से, अधर्म … Continue reading पैसा फेक तमाशा देख। Paisa fek Tamasha dekh.

वास्तविक सत्य क्या है। Asatya ka pahchan kaise karen.

सत्य क्या है और हम सत्य किसे कह सकते हैं? हिंदू धर्म। सनातन धर्म। सत्य क्या है और सत्य को कैसे पहचाने।सत्य को समझने के लिए, यह समझना किस सदा बना रहने वाला तत्व क्या है। विज्ञान शब्द हम इंसानों का बनाया हुआ है, जो इंसान के साथ खत्म हो जाएगा। जो नहीं रहने वाला … Continue reading वास्तविक सत्य क्या है। Asatya ka pahchan kaise karen.

बच्चे का पढ़ने में मन नहीं लगता। Baccha padhaai kaise karen.

बच्चे के पढ़ाई में सबसे बड़ा बाधा क्या है, बच्चे का मन केंद्रीत क्यों नहीं होता? हिंदू धर्म। स्नातन धर्म। बच्चे का पढ़ने में मन नहीं लगता उसके लिए क्या करें।पढ़ाई करने में सबसे बड़ा जो बाधक है, वह है बच्चे के पढ़ाई के विपरीत, बच्चे का प्राकृतिक तत्वों का संयोग होना। जैसे बच्चे का … Continue reading बच्चे का पढ़ने में मन नहीं लगता। Baccha padhaai kaise karen.

कुतर्क से वास्तविकता नहीं बदलता। Kutark se sawal khatm nahin hote.

सोच अनंत है, व्याख्या करके अपने मन को भुलाया जा सकता है। हिंदू धर्म। सनातन धर्म। कुतर्क करके व्यक्ति अपने आप को समझा सकता है वास्तविकता एक ही होता है।धरती पर अनेक ग्रंथ मौजूद है और व्यक्ति ग्रंथ के कुछ भाग को अपने स्वभाव के अनुसार स्वीकार कर लेते हैं तथा अस्वीकार किए गए भाग … Continue reading कुतर्क से वास्तविकता नहीं बदलता। Kutark se sawal khatm nahin hote.

नशा छोड़ा जा सकता है। Nasha Kaise Chhode.how to quit drug.

नशा क्या है और उसे छोड़ने का उपाय क्या हो सकता है? हिंदू धर्म। सनातन धर्म। क्या नशा छोड़ा जा सकता है और नशा छोड़ने के लिए क्या करें।नशा शब्द बहुत ही भयानक है, उनके लिए जिन्होंने नशे के वजह से सजा के रूप में समय गुजारे हैं। नशा सिर्फ उस व्यक्ति को प्रभावित नहीं … Continue reading नशा छोड़ा जा सकता है। Nasha Kaise Chhode.how to quit drug.

भावना प्रकृति है। Prakriti mein Bhavna sabse khas hai.

जीव के अंदर भावना परमेश्वर की खास क्रिएशन है। हिंदू धर्म। सनातन धर्म। भावना प्राकृतिक है और परमेश्वर का विशेष निर्माण है।धरती पर सभीं जीव भावना युक्त से बने रहते हैं, जीव के ऊपर भावनाएं हावी रहता है। यह सिर्फ मानव में मौजूद नहीं, धरती पर अनेकों ऐसे जीव है जिन्हें हम करीब से देखें … Continue reading भावना प्रकृति है। Prakriti mein Bhavna sabse khas hai.

ईश्वर की भक्ति क्यों।Bhagwan aur bhagt ka prem

परमेश्वर ने हमें कुछ नहीं दिया, हम परमेश्वर को क्यों याद करें? हिंदू धर्म। सनातन धर्म। क्या भगवान ने कुछ नहीं दिया तो भगवान की भक्ति नहीं करना चाहिए। परमेश्वर ने हमें कुछ नहीं दिया इसलिए हम उस परमेश्वर को क्यों याद करें? ऐसा कहने वाले की भी संख्या कम नहीं है। इस प्रकार कहने … Continue reading ईश्वर की भक्ति क्यों।Bhagwan aur bhagt ka prem

मृत्यु के समय वास्तविक भावना क्या हो। Duniya se Bhavna hi sath jata hai.

जिसे अंत समय मौत आने का डर ना हो, वह परमेश्वर से हंसता हुआ करें "हे परमेश्वर इस प्रकृति ने जैसा हमें जीवन दिया, और प्रकृति के लिए हम से जो बन पड़ा पाया, वह मैंने आखरी हद तक पूरा करने की कोशिश किया। मुझे मरने का कोई खौफ नहीं, तू आगे मुझे जहां भेजना … Continue reading मृत्यु के समय वास्तविक भावना क्या हो। Duniya se Bhavna hi sath jata hai.

धर्म की परिभाषा। Manav Dharm.

धर्म का परिभाषा क्या है।सबसे महान धर्म कौन सा है? हिंदू धर्म। सनातन धर्म। मानव समाज में धर्म का परिभाषा क्या हो सकता है।समाज में जिस धर्म को धर्म नाम से संज्ञा दिया जाता है वास्तव में वह धर्म नहीं है वह एक समूह विशेष है। सभी समूहों के परमेश्वर के मानने के तरीके अपने-अपने … Continue reading धर्म की परिभाषा। Manav Dharm.

क्या वास्तव में ईश्वर है। Bhagwan kaise dikhai dete Hain.

क्या परमेश्वर वाकई में है, और वह एक ही है? हिंदू धर्म। सनातन धर्म। क्या वास्तविक में परमात्मा है और दिखेगा।क्या वाकई में ईश्वर है? ऐसा क्यों लगता है कि ईश्वर नहीं है। ईश्वर सब उस ईश्वर ने नहीं बनाया, जिसने दुनिया बनाया। संसार को बनाने वाले तथा इसे चलाने वाले को ईश्वर कहा गया … Continue reading क्या वास्तव में ईश्वर है। Bhagwan kaise dikhai dete Hain.

क्या धर्म को छोड़ा जा सकता है? Dharm sadaiv shresth hai.

धर्म क्या है, कुछ पाने के लिए क्या धर्म को छोड़ा जा सकता है? हिंदू धर्म। सनातन धर्म। क्या कुछ भी पाने के लिए धर्म को छोड़ा जा सकता है।हर स्थिति का और परिस्थिति का धर्म अलग अलग होता है। निश्चित तौर पर धर्म के मार्ग पर चलने में अनेकों कठिनाइयां होता है, और मिलेगा। … Continue reading क्या धर्म को छोड़ा जा सकता है? Dharm sadaiv shresth hai.

ईश्वर कहां है। Bhagwan kahan rahte hain.

कहां को खोजेंने जाएंगे उस परमेश्वर को ! हिंदू धर्म। सनातन धर्म। भक्तों ने भगवान को कैसे खोजें और कहां खोजें।कहां को खोजेंने जाएंगे उस परमेश्वर को ! कहां रहता है वह! आदिकाल से महापुरुषों ने अनेक प्रकार से अपनी अपनी ताकत लगाई, कोशिश की उस परमात्मा के पास पहुंचने की, बहुत लोग इसमें सफल … Continue reading ईश्वर कहां है। Bhagwan kahan rahte hain.

ईश्वर का वास्तविक रूप। Parmeshwar ka han pahchan.

परमेश्वर का वास्तविक स्वरूप क्या है? हिंदू धर्म दर्शन। सनातन धर्म में परमेश्वर का स्वरूप। हिंदू धर्म में परमात्मा का वास्तविक रूप क्या है?आदिकाल से महापुरुषों ने अनेक प्रकार से अपनी अपनी ताकत लगाई, कोशिश की उस परमात्मा के पास पहुंचने की, बहुत लोग इसमें सफल भी हुए, और अनेक महात्माओं को, अथवा महापुरुषों को … Continue reading ईश्वर का वास्तविक रूप। Parmeshwar ka han pahchan.

तीर्थ स्थल का निर्माण कैसे होता है तथा तीर्थ का महत्व क्यों।

तीर्थ स्थल का निर्माण कैसे होता है? हिंदू धर्म में तीर्थ का महत्व। सनातन धर्म दर्शन। तीर्थ स्थल का निर्माण कैसे होता है तथा तीर्थ का महत्व क्यों।ऐसा नहीं है कि परमेश्वर तीर्थों में ज्यादा रहते हैं और घर में कम रहते हैं। परमेश्वर तो सर्वत्र समान रूप से विद्यमान है। जिस पुण्य भूमि पर, … Continue reading तीर्थ स्थल का निर्माण कैसे होता है तथा तीर्थ का महत्व क्यों।

आम आदमी जन सेवा केंद्र। हजारे आंदोलन।Apna kaam Banta bhaad mein jaaye Janta

जनता अपना दर्द किसे सुनाएं- बकवास। हिंदू धर्म। सनातन धर्म। जनता का दर्द कौन समझे!नेताओं के द्वारा मूर्ख वोटर कहा जाने वाला जनता अपना दर्द किसे सुनाएं? नेता अभिनेता राजनेता सब सिर्फ अपने लिए जीते हैं, जनता के लिए कौन जीता है। ह्यूमन राइट्स, समाज कल्याण सेवा, और ना जाने कितनी सेवाएं देश में चल … Continue reading आम आदमी जन सेवा केंद्र। हजारे आंदोलन।Apna kaam Banta bhaad mein jaaye Janta

प्रेमी का भावना महत्वपूर्ण क्यों। Premi ka Dil kya sochta hai.

प्रेम में साथी की भावना महत्वपूर्ण होता है। हिंदू धर्म। सनातन धर्म। प्रेम में अपने प्रेमी साथी का भावना महत्वपूर्ण क्यों।प्रेम का शुरुआत, आकर्षण अपने प्रेमी के बारे में महान दर्शन सहायक होता है। ऐसी स्थिति में आकर्षण और दर्शन यदि वास्तविक ना हो तो प्रेम का स्थिति नीचे आ जाता है। इसीलिए कहते हैं … Continue reading प्रेमी का भावना महत्वपूर्ण क्यों। Premi ka Dil kya sochta hai.

सुख शांति के लिए क्या करें? Parivar mein Sukh Shanti.

परिवार में सुख शांति के लिए क्या करें? हिंदू धर्म। सनातन धर्म। हिंदू धर्म परिवार में सुख शांति के लिए क्या करता है? पारिवारिक सुख शांति में आपसी प्रेम बहुत बड़ा अपना रोल अदा करता है । जब परिवार धीरे-धीरे बड़ा होने लगता है, जब परिवार के व्यक्ति एक उम्र से दूसरे उम्र में प्रवेश … Continue reading सुख शांति के लिए क्या करें? Parivar mein Sukh Shanti.

प्रेम किससे और क्यों? Vastvik Prem kaise ho.

प्रेम कैसे करें और प्रेम किससे करें? हिंदू धर्म। सनातन धर्म।प्रेम की परिभाषा। प्रेम किससे करें और प्रेम कैसे करें?प्रेम कैसे करें, इसे समझने के लिए सर्वप्रथम  प्रेम को समझना होगा। प्रेम क्या है और यह कैसे काम करता है। वास्तविक प्रेम कभी किसी का गुलाम नहीं हो सकता। गुलाम अर्थात मजबूरी में किया गया … Continue reading प्रेम किससे और क्यों? Vastvik Prem kaise ho.

मानव जीवन में रिश्ते की जरूरत क्या? Parivar aur rishtedari.

रिश्ते क्यों जरूरी है। सब मिलकर एक साथ कैसे रहे। सनातन धर्म। हिंदू। परिवार के लिए आपसी रिश्ते की जरूरत क्यों?रिश्ते क्यों जरूरी है। क्योंकि व्यक्ति के लिए संसार जरूरी है। संसार के लिए समाज जरूरी है और समाज के लिए भावना जरूरी है। किसी व्यक्ति को निर्जन प्रदेश का राजा घोषित कर दिया जाए, … Continue reading मानव जीवन में रिश्ते की जरूरत क्या? Parivar aur rishtedari.

प्रेम की ताकत। Prem kya kar sakta hai.

प्रेम तो परमेश्वर को झुका देता है, फिर प्रकृति की क्या विशाद। हट पूर्वक बलपूर्वक प्रेम कभी हासिल नहीं किया जा सकता, यदि समर्पण हो तो प्रेमी को झुकना पड़ेगा।प्रेम की ताकत भगवान को भी झुका देता है।इस झुकाव का सत्यता सबको पता है, हम सब स्वयं ही प्रकृति के प्रति झुके हुए हैं, सभी … Continue reading प्रेम की ताकत। Prem kya kar sakta hai.

देवता और दैत्य‌ एक सिक्के के दो पहलू। Devta aur daitya.

क्या हिंदू धर्म में देवता और दैत्य दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।शास्त्रों के अनुसार, इतिहास के अनुसार, संसार में परमेश्वर ने दुनिया की रचना में प्रथम देवता और दैत्य बनाएं। यह दोनों वास्तविकता में एक सिक्के के दो पहलू। यदि देवता को निकाल दिया जाए तो दैत्य का कोई अस्तित्व नहीं है … Continue reading देवता और दैत्य‌ एक सिक्के के दो पहलू। Devta aur daitya.

जीवन और ब्रह्मांड का रहस्य क्या है।

जीवन और ब्रह्मांड का रहस्य क्या है।व्यक्ति के मन का एक कक्षा होता है ठीक ग्रहों की तरह ,चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है अन्य ग्रह सूर्य के चक्कर लगाते हैं यह प्रमाणित है कि सभी ग्रहों का अपना एक कक्षा है, बहुत सारे ग्रहों का अपना-अपना चंद्रमा है जो ग्रह के इर्द-गिर्द घूमते रहते … Continue reading जीवन और ब्रह्मांड का रहस्य क्या है।

सुख और दुख सिक्के के दो पहलू। Sukh kaise mile.

क्या वास्तव में सुख का चाहत करना दुख का निमंत्रण है।सुख की चाहत ,दुखों को निमंत्रण है ,कारण सुख-दुख कोई वस्तु नहीं ,जो हमेशा पास रहने वाला है, सुख और दुख एक अनुभूति है l सुख को महसूस करना, दुख को महसूस करना ,और उसमें जीना, दुख जल्दी जाता नहीं और सुख कब निकल जाता … Continue reading सुख और दुख सिक्के के दो पहलू। Sukh kaise mile.

कर्म ध्यान भक्ति ज्ञान योग का वास्तविक परिभाषा क्या है?

श्रीमद्भागवत गीता में कर्म ज्ञान भक्ति ज्ञान योग। सनातन धर्म में गीता दर्शन। हिंदू धर्म में श्रीमद भगवत गीता का महत्व। कर्म ध्यान भक्ति ज्ञान योग का वास्तविक परिभाषा क्या है? श्रीमद्भागवत गीता में अनेकों योग बताए गए हैं, वास्तव में एक दृष्टि से देखें तो श्रीमद्भागवत गीता संपूर्ण तौर पर योग ही है। उन … Continue reading कर्म ध्यान भक्ति ज्ञान योग का वास्तविक परिभाषा क्या है?

ईश्वर भेदभाव नहीं करता। Ishwar ke liye sab barabar hai.

क्या परमेश्वर संसार के सभी जीवों के साथ समान व्यवहार करता है?प्रकृति सबके लिए समान रूप से व्यवहार करती है, परमेश्वर भी सबके साथ समान रूप से व्यवहार करने वाला है, इस विशाल ब्रह्मांड में परमेश्वर का नाम ही प्रमुख रूप से हर व्यक्ति का सहारा है, यहां जो अपने है कल किसी और के … Continue reading ईश्वर भेदभाव नहीं करता। Ishwar ke liye sab barabar hai.

मृत्यु के बाद क्या होता है? Marne ke bad kya.Ekadash Sevak

मृत्यु एक कठिन विषय है। यह एक संत की वाणी है श्री एकादश सेवक जी महाराज। मैंने उनसे मृत्यु के ऊपर चर्चा किया था। उनके द्वारा बताए हुए कुछ अंश यहां प्रस्तुत है। मौत के बाद क्या होता है। संसार में मानव की मृत्यु के बाद क्या होता है? वास्तविकता तो हर समय वास्तविक रहता … Continue reading मृत्यु के बाद क्या होता है? Marne ke bad kya.Ekadash Sevak

जादू-टोना की वास्तविकता। tnatra mantra kya hai

तंत्र और जादू-टोना का वास्तविकता क्या है? जादू टोना वास्तविकता में क्या है, क्या वास्तव में जादू टोने होते हैं, यदि होते हैं तो उसका प्रभाव कैसे पड़ता है, और यदि नहीं होते हैं, फिर दुनिया में इसका प्रचलन क्यों है? सवाल अनेकों प्रकार के होते हैं, जबकि यदि व्यक्ति विचार करें तो इसका उत्तर … Continue reading जादू-टोना की वास्तविकता। tnatra mantra kya hai

टूटा हुआ दिल बेचारा क्या करें।Dil Ko Kaun samjhaye/

प्रेमी के द्वारा टूटे हुए दिल को कैसे समझाएं? टूटे हुए दिल के लिए क्या कहें, इस दुनिया में एक दिल ही तो है जो कहते हैं मानता नहीं! दिल को हर समय कुछ न कुछ चाहिए, दोस्तों से तो चाहिए साथ में दुश्मनों से भी चाहिए। आखिर टूटे दिल को कौन समझाए। एक मशहूर … Continue reading टूटा हुआ दिल बेचारा क्या करें।Dil Ko Kaun samjhaye/

जन्म के साथ जाती नहीं आता। Jativad samaj ka Diya hua hai.

कौन सा जाति ऊंचा है और कौन जाति का मापदंड करने वाला है। यदि जन्म के साथ जाती निश्चित होता, तो आज संसार में इतने सारे जाति धर्म संप्रदाय नहीं होते। पिता के के ऊपर पुत्र का नामकरण नहीं हो सकता। समाज ने जाति और धर्म बनाएं। धर्म जाति का निर्माण नहीं करता। कोई भी … Continue reading जन्म के साथ जाती नहीं आता। Jativad samaj ka Diya hua hai.