सनातन धर्म के लिए आवश्यकता। Aaj ke generation mein hindu dharm ki avashyakta.

विशाल होने के बावजूद आपस में कोई आपसी संघ नहीं है, कुछ संघ है ,तो आपस में अनेक मतभेद है। हिंदू अथवा सनातन शब्दों में यह तो कहते हैं ,कि हम सभीं एक हैं, परंतु वास्तव में अनेक बनकर विचरण करते हैं। इसका दुष्परिणाम पूर्व काल से होते रहा है। परदेसी मत वाले हमेशा से … Continue reading सनातन धर्म के लिए आवश्यकता। Aaj ke generation mein hindu dharm ki avashyakta.

भारत की असली विरासत महामानव। Bharat ke a athulya mahamanav.

प्राचीन इतिहास से लेकर, आज तक भारत में अनेकों महामानव हुए । उन महामानव को लेकर देश हीं में अनेक पंथ और संप्रदाय हैं। चाहे वह किसी भी जाति धर्म से युक्त व्यक्ति हो, परंतु उनके उद्देश्य तथा क्रियाकलापों में हमेशा से ही सनातन की छवि रहा है।धरती पर अनेक देश है, जहां सिर्फ एक … Continue reading भारत की असली विरासत महामानव। Bharat ke a athulya mahamanav.

सनातन धर्म का वास्तविक विचारधारा। Hindu vichardhara.

हिंदू विचारधारा क्या कहता है। सनातन धर्म वाले की वास्तविक सोच क्या है। हिंदू धर्म। सनातन या हिंदू विचारधारा क्या है?सभीं सनातन महानुभावों को ईश्वर स्वरूपांश नमन। हिंदू कोई धर्म नहीं है, हिंदू एक सभ्यता है। सभी अपने-अपने दर्द की बात करते हैं परंतु हिंदुस्तान अपना दर्द किसको सुनाएं और हिंदुस्तान का दर्द कौन समझे। … Continue reading सनातन धर्म का वास्तविक विचारधारा। Hindu vichardhara.

मानव यात्रा की कहानी।Prakriti me manav yatra

प्रकृति में एक मानव दर्शन। हिंदू धर्म में मानव यात्रा। सनातन धर्म में मानव का जीवन। प्रकृति में मानव यात्रा की कहानी। खामोश था, ना बोलने की इच्छा थी, नहीं चलने की सोच, ना उजाला दिखता था, नहीं अंधेरे का बोध था। कहां था इसका भी पता ना था। क्या था, क्या होना चाहिए था, … Continue reading मानव यात्रा की कहानी।Prakriti me manav yatra

क्या पूजन आवश्यक है?Pooja Kyon.

वैदिक पूजन क्या है। भक्ति में क्या पूजन आवश्यक है। हिंदू धर्म और पूजन। सनातन धर्म पूजन एक दर्शन दो। क्या भगवान को पाने के लिए पूजन आवश्यक है? वैदिक पूजन और भक्ति पूजन दोनों अलग-अलग है। वैदिक अनुष्ठान सभी एक नियम के तहत होता है। वैदिक परंपरा का एक आधार रखा गया है। वैदिक … Continue reading क्या पूजन आवश्यक है?Pooja Kyon.

भगवान की भक्ति कैसे करें? Ishwar bhakti kaise ho.

भक्ति कैसे करें? हिंदू धर्म में भक्ति की परिभाषा। सनातन धर्म में भक्ति कैसे हो। हिंदू धर्म में भगवान की भक्ति कैसे करें?अपने तथा अपनों को लेकर समस्त संसार पर एक परमेश्वर का ही अधिकार है। परमेश्वर हर प्रकार से सक्षम है और परमेश्वर का तुलना कोई नहीं कर सकता। परमेश्वर ने हमें बनाया और … Continue reading भगवान की भक्ति कैसे करें? Ishwar bhakti kaise ho.

गुरु से सद्गुरु महान होता है? Guru ki mahanta.

गुरु और सद्गुरु में क्या अंतर है। हिंदू धर्म में गुरु कैसा हो। सनातन धर्म गुरु के लिए क्या कहता है। गुरु से भी सद्गुरु महान क्यों होता है? इसे सरल भाषा में समझने के लिए सबसे पहले यह समझना होगा कि गुरु किसका। गुरु का व्याख्या बहुत लंबा हो सकता है । जिसके द्वारा … Continue reading गुरु से सद्गुरु महान होता है? Guru ki mahanta.

मूर्ति पूजा किस लिए। Murti Pujan kyon.

सनातन धर्म में मूर्ति पूजन क्यों?चरित्र पूजन क्या है? हिंदू धर्म में देवताओं का पूजन क्या अर्थ है? क्या मूर्ति पूजन से भगवान की प्राप्ति होता है? मूर्ति पूजा में एक भक्त अपने परमेश्वर स्वामी को समाज तथा जगत का अधिष्ठाता समझकर उनका हर प्रकार से सेवा और ख्याल रखता है। वह भक्त यही मानता … Continue reading मूर्ति पूजा किस लिए। Murti Pujan kyon.

मानव धर्म और हिंदू धर्म। Manav Dharm

संसार में मानव धर्म क्यों? हिंदू धर्म की आवश्यकता क्यों। सनातन धर्म दर्शन। क्या मानव धर्म हीं हिंदू धर्म है? मानव धर्म यह किसके लिए है? मानव धर्म वह धर्म नहीं जो हमें अपने धर्म समूह से मिला है। अपना धर्म समूह हमें अपने लिए धर्म सिखाता है परंतु मानव धर्म संपूर्ण समाज के लिए … Continue reading मानव धर्म और हिंदू धर्म। Manav Dharm

भगवान भक्त को तकलीफ देते हैं? Dukhi bhagt

क्या भगवान भक्तों को तकलीफ देते हैं? हिंदू धर्म। सनातन धर्म दर्शन। क्या भगवान कभी भक्तों को तकलीफ देते हैं? परमेश्वर एक मां की तरह है। जिस प्रकार मां को बच्चे से अपने प्रेम के बदले कुछ नहीं चाहिए परमेश्वर भी वैसा ही है। वैसे तो परमेश्वर सबके लिए समान व्यवहार करता है, परंतु जो … Continue reading भगवान भक्त को तकलीफ देते हैं? Dukhi bhagt

श्री राम ही पुरुषोत्तम क्यों है। Ramcharitmanas aur Purushottam.

श्री राम ही पुरुषोत्तम क्यों है। Ramcharitmanas aur Purushottam. शास्त्र कहता है, पुराण कहता है, ऋषि महर्षि कह गए, श्रीमद्भागवत गीता कहतीं हैं। परमेश्वर बिना आकार वाला, उसका कोई रूप नहीं, वो सब में हैं और सब उसमें है। हिंदू धर्म में श्री राम को ही पुरुषोत्तम क्यों कहा जाता है? उन्हें स्त्री है ना … Continue reading श्री राम ही पुरुषोत्तम क्यों है। Ramcharitmanas aur Purushottam.

प्राचीन भारत की दर्दे दास्तां। Prachin bharat ka dard.

प्राचीन भारत का दर्द दास्तां। सनातन संस्कृति का विशेषता। सनातन संस्कृति क्या था।‌‌     हिंदू धर्म में प्राचीन भारत की दर्दे दास्तां। हिंदुस्तान के महामानव ने यह सभी कल्पनाएं हजारों साल पहले कर चुके हैं। सनातन भारत की सबसे बड़ी अपनी खास जो संपत्ति है, वह अपना वेद है। सनातन वेद साहित्य ही है जिसके कारण … Continue reading प्राचीन भारत की दर्दे दास्तां। Prachin bharat ka dard.

सनातन संस्कृति में रोग। Hindu dharm ka dard.

सनातन धर्म में रोग कैसा है? हिंदू धर्म अपने सिद्धांत के लिए क्या कहता है। सनातन धर्म में किस प्रकार का रोग है। सनातन की बात तो अनगिनत महापुरुष करते हैं, परंतु वास्तव में सनातन को क्या चाहिए, इसकी बात कोई नहीं करता। सनातन पद्धति लड़ाई की बात नहीं करता, सनातन साहित्य अपने अंदर कुविचारों … Continue reading सनातन संस्कृति में रोग। Hindu dharm ka dard.

33 करोड़ देवी देवता और उनका पूजन। Vastav mein Ishwar kaun hai.

हिंदू धर्म और सनातन धर्म दोनों एक ही है। सनातन धर्म में एक ग्रंथ है, रामायण और रामायण में सर्वोपरि पुरुषोत्तम श्रीराम का चरित्र है। हिंदू धर्म में भक्त भगवान को कहां खोजें? महानुभाव! श्री रामायण एक चरित्र विशेष ग्रंथ है, अनेक भाषाएं तथा टीका में मौजूद है। समाज में ग्रंथ के साथ-साथ इसमें मौजूद … Continue reading 33 करोड़ देवी देवता और उनका पूजन। Vastav mein Ishwar kaun hai.