ॐ पूर्णमद: पूर्णमिदं। वेद मंत्र का महत्व क्यों। Vedant Darshan

वेदांत दर्शन समुंद्र के जैसा विशाल है।  संस्कृत भारत दर्शन का प्राचीनतम भाषा है। संस्कृत आज समाज का मुख्य भाषा नहीं है, जिसके वजह से वेदों के शब्दों को आज की प्रचलित भाषा में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। समाज में सनातन समाज के कल्याण के लिए एवं बच्चों को सनातन संस्कृति से जोड़ने के लिए, … Continue reading ॐ पूर्णमद: पूर्णमिदं। वेद मंत्र का महत्व क्यों। Vedant Darshan

मृत्योर्मामृतं गमय। मंत्र का भ्रम कैसे दूर हो? Mantra ki Shakti.

मंत्र को लेकर समाज में अनेक प्रकार की भ्रांतियां मौजूद है। "जादू टोना के अचूक मंत्र, वशीकरण मंत्र, सिद्धि मंत्र।" ऐसे मंत्रों के अनेक किताब भी मौजूद है। वास्तव में मंत्र क्या है? इस प्रकार के मंत्र कैसे काम करते हैं? मंत्र को कैसे समझें? समाज के अंदर ऐसे अनगिनत सवाल हैं।सनातन साहित्य में ज्योतिष … Continue reading मृत्योर्मामृतं गमय। मंत्र का भ्रम कैसे दूर हो? Mantra ki Shakti.

अपना वास्तविक मित्र!विद्या मित्रं प्रवासेषु। Mitra ki paribhasha.

मित्रता के बारे में समझने के लिए यह समझना आवश्यक है , मित्र कौन और मित्र किसका? मित्र के प्रकार अनेक है। जो हमारे लिए भला सोचे, आवश्यकतानुसार उत्तम साथ दें है, उसे मित्र कहेंगे। मित्र के लिए वेद में एक प्रचलित श्लोक हैं। अपना वास्तविक मित्र!विद्या मित्रं प्रवासेषु। Mitra ki paribhasha.sanatansaty ।।विद्या मित्रं प्रवासेषु … Continue reading अपना वास्तविक मित्र!विद्या मित्रं प्रवासेषु। Mitra ki paribhasha.

ब्रह्मजिज्ञासा। परब्रह्म ईश्वर का चिंतन। Brahmajigyasu. Paarbrahm Chintan.

परब्रह्म परमेश्वर का चिंतन करने से पहले ब्रह्म शब्द के ऊपर विचार करें।वेद साहित्य का मूल भाषा संस्कृत है। शब्द के ऊपर विचार करने से पहले भाषा विषयक भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है। प्राचीन सनातन साहित्य सभीं लगभग संस्कृत भाषा में है। वैदिक काल में संस्कृत भाषा यहां का मुख्य भाषा रहा है।उस समय … Continue reading ब्रह्मजिज्ञासा। परब्रह्म ईश्वर का चिंतन। Brahmajigyasu. Paarbrahm Chintan.

क्या भगवान बना जा सकता है। Bhagwan se tulna.

क्या आपने आपको भगवान से तुलना करना अच्छा है? हिंदू धर्म। सनातन धर्म। क्या व्यक्ति भगवान बन सकता है।सभी मानव परमेश्वर को अपने सदृश्य मानते हैं, हम सभी मानव का सोच हो सकता है। एक तर्क से यह कहा जा सकता है की धरती पर जितने भी जीव हैं, उतने ही स्वरूपों में उनके भगवान … Continue reading क्या भगवान बना जा सकता है। Bhagwan se tulna.

वास्तविक सत्य क्या है। Asatya ka pahchan kaise karen.

सत्य क्या है और हम सत्य किसे कह सकते हैं? हिंदू धर्म। सनातन धर्म। सत्य क्या है और सत्य को कैसे पहचाने।सत्य को समझने के लिए, यह समझना किस सदा बना रहने वाला तत्व क्या है। विज्ञान शब्द हम इंसानों का बनाया हुआ है, जो इंसान के साथ खत्म हो जाएगा। जो नहीं रहने वाला … Continue reading वास्तविक सत्य क्या है। Asatya ka pahchan kaise karen.

ईश्वर की भक्ति क्यों।Bhagwan aur bhagt ka prem

परमेश्वर ने हमें कुछ नहीं दिया, हम परमेश्वर को क्यों याद करें? हिंदू धर्म। सनातन धर्म। क्या भगवान ने कुछ नहीं दिया तो भगवान की भक्ति नहीं करना चाहिए। परमेश्वर ने हमें कुछ नहीं दिया इसलिए हम उस परमेश्वर को क्यों याद करें? ऐसा कहने वाले की भी संख्या कम नहीं है। इस प्रकार कहने … Continue reading ईश्वर की भक्ति क्यों।Bhagwan aur bhagt ka prem