सनातन धर्म के लिए आवश्यकता। Aaj ke generation mein hindu dharm ki avashyakta.

विशाल होने के बावजूद आपस में कोई आपसी संघ नहीं है, कुछ संघ है ,तो आपस में अनेक मतभेद है। हिंदू अथवा सनातन शब्दों में यह तो कहते हैं ,कि हम सभीं एक हैं, परंतु वास्तव में अनेक बनकर विचरण करते हैं। इसका दुष्परिणाम पूर्व काल से होते रहा है। परदेसी मत वाले हमेशा से … Continue reading सनातन धर्म के लिए आवश्यकता। Aaj ke generation mein hindu dharm ki avashyakta.

पूर्वज किसके थे? सनातन भारत का दर्द। Sanatan Bharat ke purvaj

मैं भारत हूं। अपने अतीत की बात सुनाता हूं। यहां के पूर्वज किसके थे? देश के पूर्वजों का कसूर क्या था?  क्यों हम उन्हें भूल गए।मैं भारत हूं, मुझे दर्द है अपने अतीत का। आज कुछ लोग अपने पूर्वजों के वास्तविकता को भूल कर इतिहास को बदलने की कोशिश करते हैं।मेरे ऊपर परदेसी आक्रमणकारियों द्वारा … Continue reading पूर्वज किसके थे? सनातन भारत का दर्द। Sanatan Bharat ke purvaj

Watch “मैं भारत हूं! सनातन धर्म।” on YouTube

मैं भारत हूं। जुल्मों सितम एवं अतीत का दर्द सुनाता हूं।‌‌सम्मान और अभिमान को लूट लिया परदेसी आक्रांताओं ने। सनातन सत्य जो बदलने के बाद भी नहीं बदला, वही मैं भारत हूं।अनेकों बार अमानवीय कुकृत्य करने वाले आज किसी का आदर्श हैं। https://youtu.be/yJbQWKVRG3k "जिसकी लाठी उसकी भैंस।" इतिहास बदलने से अथवा अपना वेशभूषा बदलने से … Continue reading Watch “मैं भारत हूं! सनातन धर्म।” on YouTube