मनोकामना पूर्ति चौपाई मंत्र। श्री रामचरित्रमानस। Icchapurti chaupai

श्री रामचरित्रमानस सनातन साहित्य में क्या महत्व रखता है, इससे सभीं परिचित हैं। श्री रामचंद्र स्वयं ही ब्रह्मांड को बनाने वाले कहे जाते हैं। ईश्वर की महिमा अपरंपार है। कहते हैं ईश्वर ने मनुष्य की रचना कर अपनी समस्त शक्तियों को मनुष्य के अंदर डाल दिया। मनुष्य है ,जो सभीं शक्तियों के होने के बाद … Continue reading मनोकामना पूर्ति चौपाई मंत्र। श्री रामचरित्रमानस। Icchapurti chaupai

प्रकृति से कौन लड़ेगा।माटी कहे कुम्हार से, तु क्या रौंदे मोय । Prakriti se kaun ladega.

कोई कहता है किसी भी प्रकार निराशा की बात मत करो। यह सोचना ही गलत है की वास्तविक सत्य निराशा का कारण हो सकता है। Prakriti se kaun ladega. आज तक प्रकृति से कौन जीत पाया है। संसार के हर प्राणी प्रकृति के आधीन है और प्रकृति के परवश हुआ कर्म किया करते हैं।प्रकृति से … Continue reading प्रकृति से कौन लड़ेगा।माटी कहे कुम्हार से, तु क्या रौंदे मोय । Prakriti se kaun ladega.

शरीर के अंदर ही शैतान है।सुमति कुमति सब कें उर रहहीं। Insan aur Shaitan sikke ke do pehlu.

जहां इंसान का जिक्र होता है वहीं शैतान का भी जिक्र होता है। किसी व्यक्ति के अंदर इंसानियत है तो वह इंसान हैं और यदि उसके अंदर ही शैतानीयत है तो वह शैतान है।शरीर के अंदर ही शैतान है। Insan aur Shaitan sikke ke do pehlu.बचपन में लगभग सभी ने दादा दादी के कहानियां सुने … Continue reading शरीर के अंदर ही शैतान है।सुमति कुमति सब कें उर रहहीं। Insan aur Shaitan sikke ke do pehlu.

प्रेम न बाड़ी ऊपजै। प्रेम अमूल्य है, प्रेम का कीमत सिर्फ प्रेम है। Prem ka kimat sirf Prem hai.

श्री कबीर दास जी को आज संसार में कौन नहीं जानता। संसार की वास्तविकता को अपने दोहे के जरिए प्रस्तुत करने वाले कबीर दास जी भारत में अतुल्य संत में जाते हैं। बहुत लंबे चौड़े भाषण के बजाय वह हर बात को दोहे में कहते रहे। कबीर दास जी के दोहे को समाज में बहुत … Continue reading प्रेम न बाड़ी ऊपजै। प्रेम अमूल्य है, प्रेम का कीमत सिर्फ प्रेम है। Prem ka kimat sirf Prem hai.

ढोल गवार शुद्र पशु नारी। जातिवाद का भ्रम। Dhol gawar shudra pashu nari.

श्री राम की चर्चा तो राम से ही होना चाहिए "सभी को राम राम" । राम चरित्र मानस एक चौपाई है-ढोल गंवार सूद्र पसु नारी। सकल ताड़ना के अधिकारी॥ ढोल गवार शुद्र पशु नारी यह चौपाई जातिवाद के लिए क्या कहता है। इस चौपाई वास्तविक अर्थ समझने के लिए हमें बहुत दूर दूर जाने की … Continue reading ढोल गवार शुद्र पशु नारी। जातिवाद का भ्रम। Dhol gawar shudra pashu nari.