प्रेम का हकदार कौन? Pagalpan aur Prem Yatra.

प्रेम एवं पागलपन की यात्रा किसके लिए है? प्रेम का वास्तविक हकदार कौन? सनातन और हिंदू धर्म में प्रेम दर्शन। प्रेम यात्रा किसके लिए और प्रेम का वास्तविक हकदार कौन?एक पुरानी कहावत है “इश्क नहीं आसान इतना एक आग का दरिया है और डूब कर जाना है।”निश्चित तौर पर इस एक आग का दरिया है … Continue reading प्रेम का हकदार कौन? Pagalpan aur Prem Yatra.

समाज में श्रेष्ठता का मतलब क्या है।यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जन:।

यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जन:।स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥(तृतीय अध्याय, श्लोक 21)अर्थात- श्रेष्ठ पुरुष जो-जो आचरण यानी जो-जो काम करते हैं, दूसरे मनुष्य भी वैसा ही आचरण, वैसा ही काम करते हैं। श्रेष्ठ के लिए हिंदू धर्म और सनातन धर्म क्या कहता है? वह जो प्रमाण या उदाहरण प्रस्तुत करता है, समस्त मानव-समुदाय उसी का अनुसरण करने लग … Continue reading समाज में श्रेष्ठता का मतलब क्या है।यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जन:।

हिंदू धर्म का आधार क्या है। Hindu dharm ka Aadhar.

धर्म का आधार क्या? हिंदू धर्म का आधार क्या है। सनातन धर्म धर्म के लिए क्या कहता है। धर्म क्यों?हिंदू धर्म में धर्म का आधार क्या है।धर्म शब्द से प्राय: समाज में एक ही अर्थ निकलता है, जाति धर्म। जबकि धर्म के लिए इस प्रकार नहीं कहा जा सकता, सामाजिक रीतियों द्वारा बनाए गए, अथवा … Continue reading हिंदू धर्म का आधार क्या है। Hindu dharm ka Aadhar.

मानव सबसे बड़ा दुश्मन कौन है? Manav ka Dushman.

समाजिक दृष्टि से जो बेवजह हमें किसी व्यक्ति का नुकसान पहुंचाए वह दुश्मन है। परंतु वास्तव में जो बेवजह किसी को नुकसान पहुंचाता है, वह तो मानव हो ही नहीं सकता, उसे दुश्मन की गिनती में नहीं ले सकते। अब बात आता है ,जो हमारा दोष देखता है, क्या वह हमारा दुश्मन है। दोष देखने … Continue reading मानव सबसे बड़ा दुश्मन कौन है? Manav ka Dushman.

चमत्कार का वास्तविकता। Chamatkar kaise hota hai.

सनातन भारत में, अथवा संसार के अनेक भाग में, प्राचीन समय से चमत्कार होते रहे हैं। चमत्कार के ऊपर भरोसा करने वाले, कम नहीं। चमत्कार दिखाने वाले के लिए क्या करना है, मैजिक दिखाओ और सामने वाले को खुश करो, यह उनका कला है। कहीं-कहीं मैजिक दिखाकर जनता को लूटने का भी काम होते देखा … Continue reading चमत्कार का वास्तविकता। Chamatkar kaise hota hai.

रोटी कपड़ा और मकान। Manav ashanti mein Shanti khojta hai.

मानव क्या खोज रहा है। हिंदू धर्म में शांति कैसे मिले। शांति के लिए सनातन धर्म क्या कहता है। क्या एक मानव समाज के अंदर अपने लिए शांति खोज सकता है।कहते हैं जरूरतें कभी पूरा नहीं होता। जरूरत ! आखिर क्यों पूरा हो? जरूरत यदि रोटी कपड़ा और मकान का होता तो निश्चित तौर पर … Continue reading रोटी कपड़ा और मकान। Manav ashanti mein Shanti khojta hai.

कुतर्क से वास्तविकता नहीं बदलता। Kutark se sawal khatm nahin hote.

सोच अनंत है, व्याख्या करके अपने मन को भुलाया जा सकता है। हिंदू धर्म। सनातन धर्म। कुतर्क करके व्यक्ति अपने आप को समझा सकता है वास्तविकता एक ही होता है।धरती पर अनेक ग्रंथ मौजूद है और व्यक्ति ग्रंथ के कुछ भाग को अपने स्वभाव के अनुसार स्वीकार कर लेते हैं तथा अस्वीकार किए गए भाग … Continue reading कुतर्क से वास्तविकता नहीं बदलता। Kutark se sawal khatm nahin hote.

मृत्यु के समय वास्तविक भावना क्या हो। Duniya se Bhavna hi sath jata hai.

जिसे अंत समय मौत आने का डर ना हो, वह परमेश्वर से हंसता हुआ करें "हे परमेश्वर इस प्रकृति ने जैसा हमें जीवन दिया, और प्रकृति के लिए हम से जो बन पड़ा पाया, वह मैंने आखरी हद तक पूरा करने की कोशिश किया। मुझे मरने का कोई खौफ नहीं, तू आगे मुझे जहां भेजना … Continue reading मृत्यु के समय वास्तविक भावना क्या हो। Duniya se Bhavna hi sath jata hai.

क्या धर्म को छोड़ा जा सकता है? Dharm sadaiv shresth hai.

धर्म क्या है, कुछ पाने के लिए क्या धर्म को छोड़ा जा सकता है? हिंदू धर्म। सनातन धर्म। क्या कुछ भी पाने के लिए धर्म को छोड़ा जा सकता है।हर स्थिति का और परिस्थिति का धर्म अलग अलग होता है। निश्चित तौर पर धर्म के मार्ग पर चलने में अनेकों कठिनाइयां होता है, और मिलेगा। … Continue reading क्या धर्म को छोड़ा जा सकता है? Dharm sadaiv shresth hai.

ईश्वर भेदभाव नहीं करता। Ishwar ke liye sab barabar hai.

क्या परमेश्वर संसार के सभी जीवों के साथ समान व्यवहार करता है?प्रकृति सबके लिए समान रूप से व्यवहार करती है, परमेश्वर भी सबके साथ समान रूप से व्यवहार करने वाला है, इस विशाल ब्रह्मांड में परमेश्वर का नाम ही प्रमुख रूप से हर व्यक्ति का सहारा है, यहां जो अपने है कल किसी और के … Continue reading ईश्वर भेदभाव नहीं करता। Ishwar ke liye sab barabar hai.

जन्म के साथ जाती नहीं आता। Jativad samaj ka Diya hua hai.

कौन सा जाति ऊंचा है और कौन जाति का मापदंड करने वाला है। यदि जन्म के साथ जाती निश्चित होता, तो आज संसार में इतने सारे जाति धर्म संप्रदाय नहीं होते। पिता के के ऊपर पुत्र का नामकरण नहीं हो सकता। समाज ने जाति और धर्म बनाएं। धर्म जाति का निर्माण नहीं करता। कोई भी … Continue reading जन्म के साथ जाती नहीं आता। Jativad samaj ka Diya hua hai.