विश्व में भारत का कौशल अपने आप में खास है।

अतुल्य भारत और भारत का कौशल पूरे विश्व में अतुल्य है।सनातन भारत अपने इतिहास में बहुत कुछ ऐसा संजोए रखा है जो भारत को विश्व पटल पर हमेशा ही खास बनाता है। विश्व में भारतीयों का कौशल अपने आप में खास है।भारतीयों में सीखने की कला कमाल की होती है। इसके कारण  अनेकों है एक तो आवश्यकता युक्त वस्तु का अभाव, और दूसरा यहां का बदलता हुआ मौसम। तीसरा यहां सभी संस्कृतियों का समाज में आपसी सामंजस्य।

जब अंग्रेज यहां पर आए थे और उन्होंने यहां अपने व्यापार का विस्तार किया उस वक्त भी भारत के पास बहुत कुछ खास था।

भारत का इतिहास अपने आप बहुत ही प्राचीन रहा है। इतिहास बताता है एक समय भारत के जीडीपी के मुकाबले विश्व में कोई देश नहीं था। उसका एक मूल कारण यह भी रहा कि यहां की भूमि बहुत ही अव्वल दर्जे की है।

आज जनसंख्या के मुताबिक खेती की जमीन दिन प्रतिदिन कम हो रहा है। परंतु प्राचीन काल में ऐसा नहीं था।

अभी हम यदि अतीत को ना देखें तो भी भारत अपने आप में बहुत खास है। कुछ गिने-चुने अपवाद को छोड़ दिया जाए तो समाज के अंदर हर वर्ग जाति समूह तथा धर्म के व्यक्ति आपस में उत्तम व्यापार करते हैं।

जहां तक समाज में कुछ अपवाद की बात है तो भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र देश है।

निश्चित तौर पर हर समाज में कुछ असामाजिक व्यक्ति होते हैं। इसके लिए संपूर्ण समाज को गलत नहीं ठहराया जा सकता। सामाजिक दृष्टि से कहा जाए तो समाज का प्रत्येक व्यक्ति खास है।



इतिहास में भारत अपने आप में एक समृद्धशाली देश रहा है उसका कारण जरूरत के अनुसार हर संसाधन यहां पर उपलब्ध था।

भारतीयों को पहले दूर जाने की आवश्यकता नहीं था। भारत की संस्कृति ने हमेशा से ही दूसरे संस्कृतियों का हमेशा सम्मान किया। जिसका अतीत में अनेक प्रकार से फायदे भी उठाएं गये, और यहां की संस्कृति तथा समृद्धि इसके लिए मूल कारण बना की परदेसियों ने अनेक प्रकार से भारत की क्षति पहुंचाई।

अंग्रेज भी यहां यही देख कर अपना व्यापार बढ़ाते चले गए और एक दिन समस्त भारत उनका गुलाम हो गया हो गया।

आज देश आजाद है और आजादी के साथ हर भारतवासी को बराबर अधिकार के साथ भारत का संविधान मिला हुआ है। जहां तक राजनीति की बात है तो इतिहास गवाह है हर युग में, हर काल में राजनीति अपने चरम पर होता है। यह एक सामाजिक सच्चाई भी है कि व्यक्ति किसी प्रकार मुसीबत आने पर अपने अनुसार से अपना पूरा सामर्थ्य लगाता है।

यह भी बात सत्य है कि हमेशा ही एक बलशाली अपने से कमजोर को दबाने की कोशिश करता रहा है।

यह कहे तो मानवता का अवगुण है जो समाज में हर समय विद्यमान रहा है । समाज हर जगह ज्ञान और सत्य की बात करता है परंतु जब स्वयं समय की कसौटी पर चढ़ता है तो अनेक जगह फेल हो जाता है।



एक भारतीय की कौशलता की बात हो तो निश्चित तौर पर अतीत में रोशनी डालना आवश्यक है।

एक व्यक्ति का विश्वास बनने में और उसके विश्वास टूटने में उसके अतीत का बहुत बड़ा योगदान होता है।

समय किसे कौन सी कसौटी पर चढ़ाता है और व्यक्ति कितने में पास होता है यह उसके अतीत के ऊपर निर्भर करता है। एक उदाहरण की बात करें तो जो व्यक्ति मौसम के हर थपेड़ों को झेल चुका हो वह मौसम के उतार-चढ़ाव को आसानी से पार कर सकता है। या हम यह भी कह सकते हैं कि वह व्यक्ति मौसम के उतार-चढ़ाव को आसानी से समझ सकता है।

भारतीय में यही एक खास चीज है जो उसे हमेशा हर जगह खास बनाता है।

पहले कहते थे गांव और शहर में बहुत फर्क है परंतु आज की बात करें तो अब वह फर्क नहीं रहा। आज गांव से लेकर शहर तक हर बच्चा बुद्धिमान है। भारत के हर एक बच्चे के अंदर वह लड़की हो अथवा लड़का एक खास कौशल मौजूद है।

हर नौजवान बच्चा यह सोचता है कि उसे मौका मिल जाए तो हम निश्चित तौर पर अपना कौशल दिखाएगा।



इतिहास गवाह है जिस व्यक्ति को जरूरत से ज्यादा सहारा मिलता है वह अंदर से उतना हीं कमजोर होता है।

जो व्यक्ति हर समय किसी सहारे में दौड़ लगाया हो उसके दौड़ने की एक सीमा होगा, परंतु जो बिना सहारे के चलता है उसके दौड़ने की कोई सीमा नहीं होगा। विशेष कौशलता व्यक्ति के अंदर होता है उसे कुछ सहारे की आवश्यकता होता है।

उदाहरण के लिए एक व्यक्ति को अपने घर से निकल कर शहर तक जाना है ।

शहर में किसी ऑफिस में जाना है। उस व्यक्ति को घर से निकलने के बाद छोटे शहर जाने के लिए भी उसे एक गाड़ी का निर्माण करना पड़ेगा। छोटे शहर से बड़े शहर जाने के लिए लंबी दूरी की गाड़ी का निर्माण करना पड़ेगा। बड़े शहर जाने के बाद कोई बताने वाला नहीं है ऑफिस कहां है। उस एक नौजवान को शहर में ऑफिस की खोज भी स्वयं ही करनी होगी। ऑफिस में जाने के बाद मानो उसे केविन और बैठने के लिए कुर्सी का भी इंतजाम स्वयं ही करना होगा।

आज के समय एक नौजवान को अपना कौशल दिखाने के लिए इतने प्रकार के कौशल रखने होंगे।

और मैं यह गर्व से कहता हूं कि भारत वह देश है जहां इतने प्रकार के कौशल मौजूद हैं। भारत में हर वह कौशल मौजूद है जो एक मानव समाज की आवश्यकता होता है।

अतुल्य भारत का अतुल्य कौशल देश ही नहीं वरन पूरे विश्व में अपना जौहर दिखा रहा है।



भारत का एक-एक राज्य अपने कौशल के लिए प्रचलित है।

देश की आजादी के बाद भारत आज जिस मुकाम पर पहुंचा है उसका मुख्य कारण देश के नागरिकों के अंदर विशेष कौशलता का कारण है। देश को नागरिकों के मुकाबले में भारत को नौजवान देश कहा जाता है।

भारत आज नौजवान देश तो है साथ में भारत अपने कौशल को लेकर भी नौजवान हैं।

आज अनेक समृद्ध देशों से भारत का तुलना होता है यह भारत के लिए बहुत ही गर्व की बात है। यदि वास्तविक तौर पर चिंतन और विचार करें तो वैसे समृद्धिशाली देशों के साथ तुलना हैं बहुत बड़ा विषय है। देश के आजादी के समय जो देश की आर्थिक व्यवस्था रहा उसके मुकाबले अभी बहुत कुछ अच्छा है। इसका जिम्मेवार कोई एक व्यक्ति अथवा कोई एक शासन कारण नहीं है।

भारतवर्ष का हर एक नागरिक के योगदान के कारण हीं आज भारत विश्व में यह स्थान हासिल कर पाया है।

भविष्य में यदि भारत के नौजवान बच्चे को यदि थोड़ा भी संसाधन का सहारा मिलता रहा तो निश्चित तौर पर भारत विश्व में एक सर्वोच्च स्थान हासिल करेगा। यदि कौशल विशेषताओं की बात करें तो भारत में हर प्रकार का विशेष कौशल है। भारत व्यापार करने में कुशल है, भारत के डॉक्टर विश्व प्रसिद्ध है, भारत के इंजीनियर विश्व प्रसिद्ध है। भारत के साइंटिस्ट विश्व प्रसिद्ध है। आज भारत कपड़े के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

भारत अनेक प्रकार से अनेक वस्तुओं के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

इसका विस्तार से व्याख्या हम अगले लेख में करेंगे।भारत अपने कलाकारी को लेकर विश्व प्रसिद्ध है। इसीलिए कहां जाएगा कि भारत के पास अतुल्य कौशल है।

भारत अतुल्य है भारत की संस्कृति अतुल्य है

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