रिश्ते क्यों जरूरी है। सब मिलकर एक साथ कैसे रहे। सनातन धर्म। हिंदू।

परिवार के लिए आपसी रिश्ते की जरूरत क्यों?रिश्ते क्यों जरूरी है। क्योंकि व्यक्ति के लिए संसार जरूरी है। संसार के लिए समाज जरूरी है और समाज के लिए भावना जरूरी है। किसी व्यक्ति को निर्जन प्रदेश का राजा घोषित कर दिया जाए, अथवा उसे निर्जन प्रदेश में भेजकर राजा बना दिया जाए तो क्या उस व्यक्ति का राजा होना अच्छी बात है।

कदापि नहीं क्योंकि निर्जल प्रदेश का राजा बनाने का मतलब यह हो गया कि मानो उस व्यक्ति को देश निकाला दे दिया गया।

क्योंकि बिना प्रजा की राजा का कोई औचित्य नहीं है।



इसी प्रकार यदि हम आगे विचार करें तो पुत्र के बिना पिता शब्द का कोई औचित्य नहीं है।

भाई के बिना बहन, बहन के बिना भाई, पति के बिना पत्नी, पत्नी के बिना पति, प्रेमिका के बिना प्रेमी, प्रेमी के बिना प्रेमिका इन सभी शब्दों का फिर कोई अर्थ नहीं रह जाता। एक प्रकार से देखें तो ऐसा नहीं हो सकता कि हम सिर्फ सम्मान पाने का अधिकारी हैं सम्मान देने का कोई कर्तव्य नहीं है।

क्योंकि सम्मान देना और लेना दोनों एक सिक्के के दो पहलू हैं।

जैसे रात और दिन। झूठ और सच। एक ही व्यक्ति कहीं समाज को सम्मान देता है और कहीं समाज से सम्मान पाता है। एक ही व्यक्ति इस समाज में कहीं उपयोगी बनता है तो कहीं उपयोगकर्ता बन जाता है। समाज के अंदर जो सबसे बड़ी भावना है, समाज के अंदर जो आपसी प्रेम हैं, वही रिश्ता कहलाता है।

3 thoughts on “मानव जीवन में रिश्ते की जरूरत क्या? Parivar aur rishtedari.

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