जीवन और ब्रह्मांड का रहस्य क्या है।व्यक्ति के मन का एक कक्षा होता है ठीक ग्रहों की तरह ,चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है अन्य ग्रह सूर्य के चक्कर लगाते हैं यह प्रमाणित है कि सभी ग्रहों का अपना एक कक्षा है,

बहुत सारे ग्रहों का अपना-अपना चंद्रमा है जो ग्रह के इर्द-गिर्द घूमते रहते हैं परंतु दूसरे को प्रभावित नहीं करते हम अपने स्थान पर कमरे में बैठे हैं ,हमारे मन का एक कक्षा है मित्र शत्रु अथवा ईर्ष्या द्वेष या इच्छा युक्त चाहत !साथ में जितने भी कल्पनाओं के अंदर चित्र है वहां तक हमारे मन का कक्षा है ,बगल के कमरे में अथवा हमारी आंखों से दूर कोई भी व्यक्ति है अथवा चित्र वह हमारे पास रहते हुए भी हमारे कक्षा में नहीं है।



वह हमारे मन को प्रभावित नहीं करता अथवा हमारा मन उसको प्रभावित नहीं करता ।अध्यात्म इसी के ऊपर आधारित है इसको समझे तो मन की गति समझ में आ जाएगी मन की गति समझने पर इस ब्रम्हांड का भी गति समझ में आ जाएगा

इसके आगे इसका विस्तार हम आने वाले समय में करते रहेंगे इसके ऊपर चिंतन करें

One thought on “जीवन और ब्रह्मांड का रहस्य क्या है।

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